संसद में उठा टीबी अस्पताल का मुद्दा:सांसद औजला ने जर्जर हालत का दिया हवाला; सेहत विभाग का जल्द कदम उठाने का आश्वासन

लोकसभा में आज अमृतसर से सांसद गुरजीत औजला ने टीबी अस्पताल की जर्जर हालत का मुद्दा उठाया। उन्होंने अस्पताल की मौजूदा स्थित पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से सवाल किया कि क्या सरकार इस पुराने अस्पताल की स्थिति सुधारने के लिए कोई कदम उठा रही है। सांसद औजला ने संसद में बताया कि अमृतसर के बॉर्डर क्षेत्र में स्थित यह अस्पताल 1937 में बनाया गया था, यानी यह अस्पताल आज़ादी से पहले का है। यहां 100 मरीजों के ठहरने की व्यवस्था है, लेकिन वर्तमान में इसकी हालत बहुत खराब हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अमृतसर का टीबी अस्पताल पूरे उत्तर भारत का सबसे बड़ा टीबी अस्पताल है, जहां गरीब मरीजों की बड़ी संख्या इलाज के लिए आती है। लेकिन यहां सुविधाओं की भारी कमी है। मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं अत्यंत दयनीय स्थिति में हैं, डॉक्टरों और प्रोफेसरों की संख्या भी बेहद कम है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री का जवाब सांसद के सवाल के जवाब में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि उन्हें विशेष रूप से इस अस्पताल के बारे में जानकारी मांगी गई है, जिसे वह लिखित रूप में देंगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले की गहन जांच करेगी और अस्पताल को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। मरीजों को हो रही भारी परेशानियां इस अस्पताल में आने वाले मरीजों को अस्पताल की जर्जर इमारत, बुनियादी सुविधाओं की कमी, डॉक्टरों की अनुपलब्धता और पर्याप्त दवाओं के अभाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सांसद औजला ने सरकार से मांग की कि इस अस्पताल का नवीनीकरण किया जाए और यहां डॉक्टरों तथा स्टाफ की नियुक्ति की जाए ताकि गरीब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *