भास्कर न्यूज | अंबिकापुर शहीद दिवस पर भारतीय जननाट्य संघ (इप्टा) अंबिकापुर ने प्रलेस, शांति व एकता संगठन, शहीद भगत सिंह अकादमी, कृषि विश्वविद्यालय, होलीक्रॉस गर्ल्स कॉलेज और अन्य जन संगठनों के सहयोग से प्रभात फेरी निकाली। इस दौरान देश के लिए कुर्बान हुए शहीदों को उनकी शहादत के 94वें वर्ष पर याद किया। प्रभात फेरी निकालकर शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि दी गई। गदर पार्टी, जलिया वाला बाग और काकोरी कांड के शहीदों को भी नमन किया गया। करतार सिंह, भगवती चरण वोहरा, दुर्गा भाभी, चंद्रशेखर आजाद, अशफाक उल्ला खा, राम प्रसाद बिस्मिल समेत कई क्रांतिकारियों को याद किया गया। भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की तस्वीरें लिए नागरिकों और छात्र-छात्राओं ने गांधी चौक से महामाया चौक तक प्रभात फेरी निकाली। साम्राज्यवाद का नाश हो और समाजवाद जिंदाबाद के नारे गूंजे। इंकलाब जिंदाबाद और क्रांति अमर रहे से सड़कें गूंज उठीं। जितेंद्र सिंह सोढ़ी ने कहा कि शहीदों ने समाजवादी व्यवस्था का सपना देखा था, जहां सभी को उनकी मेहनत का हक मिले। उन्होंने कहा कि शहीदों की विरासत को आगे बढ़ाने का यही सही समय है। इस अवसर पर नगर में शहीदों की प्रतिमा स्थापित करने और शहीद पार्क बनाने की मांग उठी। मार्गदर्शन संस्थान के अध्यक्ष प्रवीण प्रताप सिंह, प्राचार्य आशीष श्रीवास्तव, होली क्रॉस गर्ल्स कॉलेज, सेंट जेवियर्स, उर्सू लाइन के छात्र-छात्राएं और अन्य संस्थाओं के विद्यार्थी मौजूद रहे। शहीदों को याद रखना जरूरी इप्टा अंबिकापुर के अध्यक्ष अंजनी पांडेय और सचिव संदीप सिन्हा ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने कहा कि जो शहीद भुलाए जा रहे हैं, उन्हें याद रखना जरूरी है। उन्होंने और भामरा ने “मेरा रंग दे बसंती चोला’ गीत गाकर जोश भरा। महामाया चौक पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा गया। इप्टा द्वारा जारी पर्चे का पाठ किया गया। रैली का संयोजन प्रितपाल सिंह अरोड़ा ने किया। धरम गुप्ता, अरविंद प्रेस और संजय शर्मा का विशेष सहयोग रहा।


