छत्तीसगढ़ भाजपा ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पूर्व संसदीय सचिव सिद्धनाथ पैकरा को पार्टी से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। सिद्धनाथ पैकरा ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ जिला पंचायत सदस्य एवं अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था। सिद्धनाथ पैकरा की पत्नी उद्धेश्वरी पैकरा वर्तमान में सामरी से भाजपा की विधायक हैं। सामरी से दो बार के भाजपा विधायक एवं संसदीय सचिव सिद्धनाथ पैकरा को पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ जिला पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ने पर छत्तीसगढ़ भाजपा ने यह कार्रवाई की है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा ने जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 12 से सुधेश कुमार सिंह को अधिकृत प्रत्याशी बनाया था। सिद्धनाथ पैकरा ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा, हालांकि वे चुनाव जीत गए। जिपं अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ा
सिद्धनाथ पैकरा ने बलरामपुर जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए हीरामणि निकुंज को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था। सिद्धनाथ पैकरा ने अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ अध्यक्ष पद का नामांकन दाखिल किया। चुनाव में हीरामणि निकुंज को 9 और सिद्धनाथ पैकरा को 5 मत हासिल हुए। मंत्री के खिलाफ भी की थी बयानबाजी
चुनाव हारने के बाद पूर्व विधायक सिद्धनाथ पैकरा ने कहा कि मंत्री रामविचार नेताम के कारण वे चुनाव हार गए। 10 साल उनकी पत्नी और बेटी जिला पंचायत के अध्यक्ष रहे। उनके कार्यकाल में काम नहीं हुआ। किसी अनुभवी को अध्यक्ष बनाना था। सदस्य हैं तो काम करेंगे ही। मंत्री गड़बड़ नहीं करते तो चुनाव नहीं हारता। भाजपा ने दिखाया बाहर का रास्ता
सिद्धनाथ पैकरा द्वारा पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ने के कारण उन्हें छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने यह कार्रवाई की है। सिद्धनाथ पैकरा की पत्नी उद्धेश्वरी पैकरा वर्तमान में सामरी विधानसभा सीट से भाजपा की विधायक हैं। सिद्धनाथ पैकरा को भाजपा ने वर्ष 2003 में पहली बार टिकट दी थी। वे शिक्षक की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए। लगातार दो बार सामरी से विधायक रहे। वर्ष 2013 में वे चुनाव हार गए थे।


