हजारीबाग पुलिस ने एनटीपीसी के डीजीएम (डिस्पैच) कुमार गौरव हत्याकांड में बड़ी सफलता हासिल की है। कटकमदाग थाना क्षेत्र में 8 मार्च को हुई इस वारदात के चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। पुलिस जांच में पता चला कि बड़कागांव और केरेडारी की कंपनियों से लेवी वसूलने के लिए यह वारदात की गई। आरोपियों ने 27 फरवरी को साजिश रची और रेकी की। 5 मार्च को हथियार जुटाए। 8 मार्च सुबह 9:32 बजे पल्सर बाइक से स्कॉर्पियो पर फायरिंग कर दी। सभी आरोपियों का आपराधिक इतिहास एसआईटी ने मुख्य शूटर मिन्टू पासवान, बाइक चालक राहुल मुंडा, रेकी करने वाले मनोज माली और हथियार सप्लायर अजय यादव को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों का आपराधिक इतिहास है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक, एक पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, 5500 रुपए नकद, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को पकड़ा। स्थानीय युवाओं को जोड़ लेवी वसूलता था गिरोह हजारीबाग रेंज डीआईजी संजीव कुमार ने बताया कि यह गिरोह स्थानीय युवाओं को संगठित कर कंपनियों से लेवी वसूलता था। इस कार्रवाई से क्षेत्र के अपराधियों में दहशत है।


