बिलासपुर में 3.27 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। वहीं, बिल्डर ने कॉलोनी बनाने के लिए एक किसान की खड़ी फसल पर 50 ट्रक मिट्टी डालकर रोड बना दिया है। इस मामले की शिकायत पर कलेक्टर अवनीश शरण ने एसडीएम मनीष साहू को जांच के निर्देश दिए हैं। बिल्डर को फायदा पहुंचाने वाले इस खेल में राजस्व अफसरों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहा है। हालांकि, अब अफसर जांच के बाद कार्रवाई करने का दावा कर रहे हैं। दरअसल, कोनी के पटवारी हल्का नंबर 46 के खसरा नंबर 1307/1 व खसरा नंबर 1308 के कुल रकबा 0.234 हेक्टेयर की जमीन राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार गेंदराम साहू पिता स्व. दुर्जन साहू व चिरौंजी बाई पति स्व. दुर्जन साहू के नाम दर्ज है। किसान की जमीन के पास ही अज्ञेय नगर निवासी सुभाष चंद्र मिश्रा पिता आरएस मिश्रा क खसरा नंबर 1309/3 और 1305/1 की जमीन है। जहां पर कॉलोनी बनवा रहा है। किसान गेंदराम साहू ने अपनी शिकायत में बताया कि बिल्डर सुभाष चंद्र मिश्रा ने बगैर सूचना दिए उसके खेत में लगी फसल को नुकसान कर 50 ट्रक मिट्टी पटाई कर रोड बना लिया है। 5-10 फीट रास्ता बनाने मिली थी अनुमति यह मामला पहले तहसीलदार मुकेश देवांगन के न्यायालय में चला। तहसीलदार ने अपने आदेश में लिखा किसान गेंदराम साहू अपनी जमीन के अतिरिक्त खसरा नंबर 1309/1 की 0.40 एकड़ सरकारी जमीन पर काबिज है। यह राजस्व रिकॉर्ड में रास्ते की जमीन है। नियमों का हवाला देते हुए तहसीलदार न्यायालय ने किसान गेंदराम साहू को खुद कब्जा हटाने का आदेश दिया, ऐसा नहीं करने पर बलपूर्वक कब्जा हटाने की चेतावनी दी। हालांकि बिल्डर द्वारा दिए गए दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। इधर, किसान गेंदराम साहू ने तहसीलदार न्यायालय के आदेश के खिलाफ अनुविभागीय अधिकारी के न्यायालय में अपील की। नियमों का हवाला देते हुए उसकी अपील खारिज कर दी गई। तहसीलदार मुकेश देवांगन का कहना है कि नियमानुसार 5-10 फीट रास्ता बनाने की अनुमति दी गई थी। लेकिन, वहां 40 फीट पर रोड बना दिया गया है। कलेक्टर से आदेश निरस्त की मांग की शिकायतकर्ता ने बिलासपुर तहसीलदार ने अनावेदक सुभाषचंद्र मिश्रा को फायदा पहुंचाने की नीयत से बेदखली का आदेश पारित कर दिया है। उसने मांग की है कि उस आदेश को निरस्त करते हुए अनावेदक के खिलाफ नियमों के अनुसार आदेश दिया जाए। इस पूरे मामले की जांच हल्का पटवारी व राजस्व निरीक्षक से कराने के बाद ही निजी भूमि से हटाकर शासकीय भूमि पर निर्माण कराने का आदेश दिया जाए। कलेक्टर ने SDM को दिए जांच के निर्देश मामला सामने आने पर कलेक्टर अवनीश शरण ने इस पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जांच का जिम्मा एसडीएम मनीष साहू को दिया है। एसडीएम साहू ने बताया कि तहसीलदार के माध्यम से मामले की जांच कराई जा रही है। जिसमें उन्हें जमीन का सीमांकन कराने कहा गया है। जांच रिपोर्ट मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें यह भी देखा जाएगा कि विवादित जमीन पर सीमांकन होना था। लेकिन, पटवारी और राजस्व निरीक्षक ने भी सीमांकन की जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई। सरकारी जमीन पर किसका है कब्जा इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी रिकार्ड में 1309/1 की जमीन राजस्व रिकार्ड में सरकारी है। वह जमीन कहां गई। इसके साथ ही सरकारी रिकॉर्ड में जय गुरुदेव फर्म के नाम पर खसरा नंबर 1309/3 की एक एकड़ जमीन दर्ज है। खसरा नंबर 1309/2 की 3.30 एकड़ जमीन योग वेदांत समिति के नाम पर है। खसरा नंबर 1309/1 की 3.27 एकड़ जमीन सरकारी है। लेकिन, मौके पर इसका कोई अता-पता नहीं है। अब जांच के दौरान जमीन का सीमांकन कराने की बात भी कही जा रही है।


