10 साल बीत गए, पर छात्रावास नहीं हुआ हैंडओवर, 1.06 करोड़ खर्च

भास्कर न्यूज|छतरपुर राजकीय कृत प्लस टू उच्च विद्यालय छतरपुर के परिसर में एक करोड़ 6 लाख की लागत से 2014 में 100 बेड के दो छात्रावास बने थे। इसमें एक छात्र और एक छात्राओं के लिए था। इन छात्रावासों का लाभ बच्चों को नहीं मिल रहा है। लड़कियों के लिए बनाए गए छात्रावास में अवैध रूप से कब्जा कर कुछ लोग अपना बसेरा बनाकर रह रहें हैं,जबकि सरकार का उद्देश्य था की अति सुदूर और नक्सल प्रभावित गांव में रह रहे आदिम जन जाति और अनुसूचित जन जाति के लड़के और लड़कियां इस छात्रावास में रह कर उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकें। इसी उद्देश्य सेर 2014 में 53–53 लाख की प्राक्कलन राशि से पचास बेड की लड़कियों के लिए और पचास बेड की लड़कों के लिए छात्रावास बनाए गए, पर अबतक छात्रावास भवन में न तो शौचालय का निर्माण कराया गया और न ही बिजली और पानी की व्यवस्था की गई। इस भवन को बने दस वर्ष बीत गए पर अबतक भवन को स्कूल को हैंडओवर नहीं किया गया इस कारण इसका लाभ बच्चों को नहीं मिला। सुदूरवर्ती क्षेत्र के हजारों लड़के और लड़कियां भाड़े पर रूम लेकर रहने को मजबूर हैं, जबकि भवन के ठेकेदार ने आधा अधूरा निर्माण करा पूरी राशि निकाल ली। बताया जाता है कि 2023 में 50 लाख की लागत से दोनों छात्रावास में चहारदीवारी,गार्ड शेड,पीसीसी पथ और रंगरोगन का कार्य किया गया।स्थानीय लोगों का कहना है की उक्त दोनों छात्रावास बच्चों की सुविधा के लिए नहीं बनाए गए बल्कि ठेकेदार को ठेकेदारी के लिए निर्माण कराया गया है जिसमें आज तक बच्चों ने लाभ नहीं लिया, पर अर्धनिर्मित भवन में दुबारा ठेकेदारी कर पैसों का बंदरबांट की गई। एक ही भवन पर बार बार बिना उपयोग के आमजन के पैसों का इस्तेमाल लूटने के लिए किया जा रहा है। प्रधानाध्यापक अजीत कुमार साहू ने कहा कि छात्रावास भवन अबतक हैंडओवर नहीं किया गय है। मौखिक रूप से देखरेख करने के लिए कहा गया है,अगर पूरी सुविधा हो जाती तो बच्चे रहने लगते। पूर्व विधायक सुधा चौधरी ने कहा की उनके द्वारा अथक प्रयास से आदिम जन जाति के बच्चों के लिए छात्रावास बनाया गया था, लेकिन विडंबना यह है कि आज तक छात्रावास को बच्चों को नहीं दिया गया। इसके लिए वे कल्याण पदाधिकारी से बात कर अविलंब चालू कराने की दिशा में पहल करेंगी। 2023 में फिर से 50 हजार खर्च कर बाउंड्री निर्माण कराई

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *