रांची |सदर अस्पताल में पहली बार सर्वाइकल स्पाइन (गर्दन की रीढ़) की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। 8 महीने से हाथों में अत्यधिक झुनझुनी, दर्द और कंपन से परेशान ऑटो चालक का ऑपरेशन न्यूरोसर्जन डॉ. अशोक की टीम ने किया। इस टीम में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. जयवंत और स्टाफ नर्स नेली का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ऑपरेशन के दौरान सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार भी ओटी में मौजूद रहे। डॉ. अशोक ने बताया कि सर्वाइकल कैनाल स्टेनोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें गर्दन की रीढ़ की नलिका संकीर्ण हो जाती है, जिससे रीढ़ की हड्डी और तंत्रिकाओं पर दबाव बढ़ता है। इसके कारण हाथों और पैरों में सुन्नता, झुनझुनी, कमजोरी या संतुलन की समस्या हो सकती है। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस सर्जरी में लैटरल मास स्क्रू फिक्सेशन तकनीक का उपयोग किया गया। मरीज के सर्वाइकल स्पाइन में 8 स्क्रू और टाइटेनियम के 2 रॉड लगाए गए। लैटरल मास स्क्रू फिक्सेशन सर्वाइकल स्पाइन को स्थिर करने के लिए एक प्रभावी विधि है। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में सुधार है। जिससे मरीजों को बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा और रिम्स से भी मरीजों का भार कम होगा।


