टोंक तहसील क्षेत्र के सोलंगपुरा में माली समाज के चार भाइयों के परिवार ने जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। इस परिवार को पंच पटेलों ने समाज से बाहर कर दिया है। परेशान होकर जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ा झेल रहे पीड़ित परिवार ने गुरुवार को जनसुनवाई में कलेक्टर सौम्या झा को ज्ञापन देकर बताया कि गांव के पंच पटेलों ने 6 माह पहले धार्मिक मामले को लेकर समाज बाहर कर दिया। टोंक तहसील क्षेत्र के सोलंगपुरा के रहने वाले पीड़ित परिवार का कहना है कि सार्वजनिक ट्यूबवैल आदि जलस्रोतों से पानी भरने से लेकर गांव में कपड़े सिलाने तक की पाबंदियां लगा रखी हैं। बच्चों को उनके बच्चों के साथ खेलने तक नहीं देते हैं। गत माह बेटी की शादी में आने वाले रिश्तेदारों को भी अर्थदंड से दंडित कर दिया। एक परिवार से तो पंच-पटेलों ने 5100 सौ रुपए अर्थदंड भी वसूल लिया। इस मामले को लेकर कलेक्टर ने उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इसलिए किया समाज से बाहर
पीड़ित परिवार के बनवारी लाल सैनी ने बताया मेरे गांव में माताजी का स्थान है। उसके पास जिंद बाबा का निर्माण कराया गया था। उस स्थान की सेवा पूजा हमारा परिवार करता था। करीब छह माह पहले मंदिर में यात्रियों की सुविधा को देखते हुए एक यात्री द्वारा टिन शेड लगाये जा रहे थे, कुछ पंच पटेलों ने उसे तोड़ने के लिए कहा, लेकिन हमारे परिवार ने मना कर दिया। उसके बाद पंच पटेलों ने मेरे परिवार को समाज से बाहर कर दिया। पीड़ित बनवारी सैनी ने बताया कि समाज से बाहर करने में पूरे समाज के लोग नहीं थे। गांव के परशुराम, तेजमल, शिवराज, हरजी आदि दबंग लोगों ने अन्य समाज के लोगों पर दबाव बनाकर हमें जाति बाहर कर दिया। इसको लेकर पीड़ित परिवार ने थाने में रिपोर्ट दी, लेकिन आरोपियों ने माफीनामा देकर आगे से कोई भेदभाव नहीं करने की बात कही, लेकिन पीड़ित परिवार को अभी भी समाज से अलग कर रखा है। पंच पटेल धमकी देते हैं कि अब तुम्हारा गांव छुड़ा कर रहेंगे। पीड़ित परिवार ने कलेक्टर से आरोपियों के साथ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। भतीजी की शादी में आए रिश्तेदार से वसूला 5100 का जुर्माना पीड़ित परिवार के बनवारी लाल सैनी ने बताया कि 22 नवंबर को मेरी भतीजी की शादी हुई थी। इसमें हमारे कुछ रिश्तेदार आए थे। इसके बाद समाज के पंच पटेलों ने 9 दिसंबर को समाज की बैठक कर भतीजी की शादी में आए हमारे रिश्तेदारों के जुर्माना लगा दिया। एक रिश्तेदार से तो 5100 रुपये का जुर्माना भी वसूला है।


