दुकानदारों के रवैए से विद्यार्थियों के अभिभावक परेशान:किसी क्लास की 2 या 3 किताबें चाहिए तो नहीं दे रहे दुकानदार, कहा- लेना होगा पूरा सेट

किताब बेचने वाले दुकानदारों के रवैए से विद्यार्थियों के अभिभावक परेशान हैं। किसी विद्यार्थी को अगर 2 या 4 किताबें चाहिए तो उसे नहीं मिलेगी। दुकान संचालक 3 या 4 किताबें नहीं, बल्कि सभी विषयों की किताबों का पूरा सेट बनाकर बेच रहे हैं। अगर किसी विद्यार्थी के पास पहले से दो या 4 किताबें हैं तो भी उसे पूरा सेट ही लेना होगा। दुकानदार एक का दो किताबें देने को तैयार नहीं हो रहे हैं। ऐसे में बच्चों के अभिभावक काफी परेशान हैं। मिन्नत करने के बाद भी किताब दुकानदार कुछ सुनने को तैयार नहीं हैं। कुछ दुकानों में तो अभिभावक व दुकान संचालक के बीच बहस भी हो जा रही है। शहर की कुछ तय दुकानों में ही सभी स्कूल की किताबें मिल रही हैं। वहां भी सभी किताबों का बंडल बनाकर तैयार रखा गया है। जिन छात्रों के पास पहले से कुछ किताबें हैं और उन्हें 2 या 3 किताबें चाहिए, तो नहीं मिल रही है। ऐसे में अभिभावकों को विवश होकर हजारों रुपए की किताबें खरीदनी पड़ रही हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इसे रोकने वाला सिस्टम ही चुप बैठा है। न स्कूल प्रबंधन सुन रहा है और न प्रशासन। दैनिक भास्कर ने अभिभावकों की शिकायत पर मंगलवार को कई किताब दुकानों की पड़ताल की। दुकान संचालकों ने 2 या 4 किताबें देने से साफ इंकार कर दिया। पेश है यह रिपोर्ट… अभिभावक दुकानों से किताबों का पूरा सेट खरीदने पर विवश अंजना बुक्स, अपर बाजार रिपोर्टर : किताब की लिस्ट देकर स्कूल का नाम बताते हुए… ये किताबें हैं? संचालक : इस स्कूल की किताबें नहीं हैं। जिस दुकान के बारे में बताया गया है, वहीं किताबें मिलेंगी। रिपोर्टर : अच्छा, 3-4 किताब मेरे पास है, वह छोड़कर मिलेगा या नहीं। संचालक : नहीं, पूरा सेट आता है न। रिपोर्टर : अलग से एक-दो किताब चाहिए तो कैसे मिलेगी? संचालक : अभी नहीं मिलेगी। पुस्तक मंदिर, गोपाल कॉम्प्लेक्स रिपोर्टर : छठी कक्षा की किताबों की लिस्ट बढ़ाते हुए… ये किताबें मिल जाएंगी? संचालक : इसमें दो किताब छोड़कर, सभी मिल जाएंगी। रिपोर्टर : ये तीन किताबें चाहिए? – लूज दो-तीन किताबें नहीं मिलेंगी। रिपोर्टर : पैसा कम पड़ रहा, इसलिए अभी तीन किताब ही लेना चाह रहे हैं। संचालक : कितना पैसा है? रिपोर्टर : 2000 रुपए हैं। संचालक : नहीं हो पाएगा। एसपी ट्रेडर्स, लोवाडीह चौक रिपोर्टर : 9वीं कक्षा की किताबों की लिस्ट बढ़ाते हुए, ये सारी किताबें हैं तो दे दीजिए। संचालक : हां है। रिपोर्टर : कितना पड़ेगा? – 8708 रुपए। रिपोर्टर : इसमें ये 3 किताबें दे दीजिए। – नहीं मिलेगी। रिपोर्टर : पैसा थोड़ा कम है, हम बाद में आकर बाकी किताबें ले लेंगे। – मैं समझ गया, जब आएंगे तो सभी किताबें एक साथ मिल जाएंगी। रिपोर्टर : किताबों का सेट लेना होगा? – हां, आप आइए, मिल जाएगी। (नोट : तीनों दुकानदारों से बातचीत की पूरी रिकॉर्डिंग दैनिक भास्कर के पास है।)

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