बीजापुर-दंतेवाड़ा जिलों की सीमा पर अबूझमाड़ इलाके के नेलगुड़ा-पोड़गा के जंगल में मंगलवार को हुई मुठभेड़ में नक्सलियों के बड़े लीडर 25 लाख के इ नामी सुधाकर उर्फ सुधीर उर्फ सोनसाय उर्फ मुरली को उसके दो गनमैन 2-2 लाख के ईनामी पंडरू अत्रा व मन्नू बारसा सहित मार गिराया है। मारे गए नक्सलियों के शव, हथियार व असलहा जवानों ने बरामद कर लिए हैं। करीब डेढ़ घंटे तक चली मुठभेड़ के बीच सेंट्रल कमेटी के सदस्यों समेत छोटे कैडर के नक्सली अपने कमांडर सुधीर को छोड़कर भाग निकलने में कामयाब हो गए। सोमवार को जवानों को 10 से 12 सेंट्रल कमेटी के सदस्यों की अबूझमाड़ के नेलगुड़ा-पोड़गा के जंगल में मौजूदगी का इनपुट मिला था। इस पर शाम को ही पूरे ऑपरेशन की रणनीति जवानों ने तैयार की और दंतेवाड़ा डीआरजी व बस्तर फाइटर्स के ढाई सौ से ज्यादा जवान ऑपरेशन लॉन्च करने रवाना हो गए। रात में ही जवानों ने नक्सलियों के ठिकाने को घेर लिया और सुबह होने का इंतजार करने लगे। सुबह होते ही जवानों की घेराबंदी की जानकारी नक्सलियों को मिली, जिस पर नक्सलियों के संतरी ने पहला फायर जवानों पर किया, जिसके बाद जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया और करीब ़डढ़े घंटे मुड़भेड़ चली। मुठभेड़ में मारा गया नक्सली एसजेडसी सुधीर उर्फ सुधाकर उर्फ सोनसाय उर्फ मुरली पर 25 लाख रूपए का ईनाम घोषित है। सुधीर पुलिस के लिए मोस्ट वांटेड नक्सलियों में शुमार था। माड़ इलाके में वह 2003 से सक्रिय रहा और साल 2014-15 में उसे एसजेडसी बनाया गया। सुधाकर उर्फ सुधीर मूल रूप से तेलंगाना के वारंगल जिले के तरलापल्ली का निवासी था, जो 1999 में तेलंगाना से दंडकारण्य पहुंचा था और सबसे पहले गढ़चिरौली में सक्रिय रहा। बीते गुरूवार को गंगालूर थाना क्षेत्र के अंडरी-गमपुर के जंगलों में हुई मुठभेड़ में चलाए गए बड़े ऑपरेशन के 5 दिन बाद फिर से पुलिस को सेंट्रल कमेटी के सदस्यों की मौजूदगी की खबर मिली थी। इस पर ऑपरेशन लॉन्च करने रणनीति तैयार की गई। बताया जाता है कि जो इंटेल इनपुट पुलिस को मिले थे, उसके मुताबिक अबूझमाड़ इलाके पर फिर से नक्सली अपनी पकड़ मजबूत बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मालूम हो कि आगामी 3 अप्रैल को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का बस्तर दौरा संभावित है। दरअसल बस्तर पंडुम का संभागस्तरीय कार्यक्रम दंतेवाड़ा जिले में होना है। इसमें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे। पूर्व में भी शाह 31 मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने की घोषणा कर चुके हैं। ऐसे में उनके दौरे से ठीक पहले बड़े ऑपरेशन लॉन्च किए जा रहे हैं। दंतेवाड़ा। मारे गए नक्सलियों के शव व बरामद हथियार-असलहा। जब जवानों ने नक्सलियों के ठिकाने को पूरी तरह से घेर लिया, तब यहां एसजेडसी सुधीर, उसके दोनों गनमैन, 10 से 12 सेंट्रल कमेटी के सदस्य व छोटे कैडर के नक्सली मौजूद थे। जैसे ही जवानों ने नक्सलियों पर गोलीबारी शुरू की, सेंट्रल कमेटी के सदस्य व छोटे कैडर के नक्सली एसजेडसी सुधीर को छोड़कर अपनी जान बचाने भाग निकले। सोमवार की शाम लॉन्च किए गए ऑपरेशन के तहत दंतेवाड़ा डीआरजी व बस्तर फाइटर्स की संयुक्त पार्टी रवाना हुई और इंद्रावती नदी पार कर अबूझमाड़ क्षेत्र में दाखिल हुई। इस बार टीसीओसी (टेक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन) में जवान नक्सलियों पर भारी पड़ रहे हैं। बीते 5 दिनों में बस्तर में जवानों ने 33 नक्सलियों को मार गिराया है। जवान ऑपरेशन लॉन्च कर रहे हैं। ऐसे में बैलाडीला की पहाड़ियों के पीछे का इलाका, जो नक्सलियों के लिए अबूझमाड़ का सबसे सुरक्षित क्षेत्र माना जाता था, वह भी नक्सलियों के हाथ से छूटता चला जा रहा है। बीजापुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर मुठभेड़ इंसास, 303, देसी एचई कम सहित गोला-बारूद व सामान किया गया बरामद : मुठभेड़ के बाद जवानों ने मौके पर सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें तीनों नक्सलियों के शवों के साथ इंसास राइफल, 303 राइफल, 12 बोर बंदूक, देशी एचई बम सहित बड़े पैमाने पर गोला-बारूद और दैनिक उपयोग का सामान भी बरामद किया।


