रिजवान खान | कवर्धा कबीरधाम जिले में शिक्षा का पूरा सत्र गुजर गया और परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, लेकिन इस साल स्कूलों में बच्चों के खेलकूद का एक सामान नहीं भेजा गया है। जबकि, जिला स्तर पर 3.12 लाख रुपए व संभाग स्तर से एक लाख रुपए की खेल सामग्री डीईओ कार्यालय में डंप पड़ी है। खरीदी के बाद भी शिक्षा विभाग ने स्कूलों तक खेल सामग्री का वितरण नहीं किया है। यही कारण है कि इस शिक्षा सत्र में पुरानी खेल सामग्री के भरोसे स्कूली खिलाड़ी नेशनल व स्टेट प्रतियोगिता तक पहुंचे हैं। डीईओ कार्यालय से मिली जानकारी अनुसार जिला स्तर पर पंडरिया, बोड़ला, कवर्धा व सहसपुर लोहारा ब्लॉक के लिए 78-78 हजार रुपए के िहसाब से 3 लाख 12 हजार रुपए की खेल सामग्री की खरीदी की गई है, जिसमें हॉकी, बेसबॉल, फुटबॉल, वॉलीबॉल समेत अन्य सामग्री शामिल है। ये कार्यालय में डंप पड़ी है। दुर्ग संभाग स्तर से कबीरधाम जिले के लिए करीब एक लाख रुपए का खेल सामग्री भेजी है। ये भी डीईओ कार्यालय के एक कमरे में डंप है। ये सभी खेल सामग्री वर्तमान शिक्षा सत्र 2024-25 के लिए है, जो अब तक वितरण नहीं हो सका है। डीईओ कार्यालय के जिला क्रीड़ा अधिकारी दिनेश साहू ने खेल सामग्री को जल्द वितरण किए जाने की बात कही है। इधर खिलाड़ियों की संख्या कम हुई जिले के सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री का अभाव बना हुआ है। खेल सामग्री नहीं होने के कारण स्टेट व नेशनल स्तर के प्रतियोगिता में कबीरधाम जिले के खिलाड़ियों की संख्या कम हुई है। इस साल नेशनल में करीब 22 व स्टेट में 38 खिलाड़ी शामिल हुए है। वहीं, 2019-20 से पहले इनकी संख्या 100 के पार रहा करती थी। हालांकि, स्कूल खेल शाखा का दावा है कि 2019-2020 से पहले कबीरधाम खुद का खेल जोन हुआ करता था। इस खेल जोन में कबीरधाम, मुंगेली व बेमेतरा जिला शामिल थे। ऐसे में इन तीन जिले के खिलाड़ियों को मौका मिलता था। अब कबीरधाम जोन बंद हो चुका है। स्कूलों में चंदा कर खेल सामग्री ले रहे जिले के सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री नहीं मिलने के स्कूली बच्चे खेल से पीछे हो रहे है। स्थिति ऐसी है कि इन बच्चों को खेल सामग्री के लिए आपस में चंदा कर खरीदी किया जाता है। कुछेक हाई व हायर सेकेंडरी स्कूलों में शिक्षकों द्वारा बच्चों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने अपने जेब से रुपए लगाना पड़ता है। कवर्धा शहर की बात करें तो हॉकी, बॉल बैडमिंटन, बेसबॉल, सॉफ्टबॉल, हैंडबॉल, वॉलीबॉल के लिए भी कोच को अपने संघ या लोगों से आर्थिक मदद लेकर खेल सामग्री की खरीदी करना पड़ता है। बजट लेट से मिला, इस कारण देरी डीईओ वाईडी साहू ने बताया कि जिला स्तर पर खेल सामग्री खरीदी की गई है। इसका वितरण जल्द कर दिया जाएगा। हमें राज्य स्तर से बजट लेट से मिला, इस कारण खरीदी में देरी हुई है। इसके अलावा दुर्ग संभाग से भी कुछ खेल सामग्री आई है, जिसका वितरण जल्द कर दिया जाएगा।


