भास्कर न्यूज | अमृतसर महानगर के मंदिरों में मंगलवार को शीतला माता मंदिर में जाकर भक्तों द्वारा पूजा-अर्चना की गई। अपनी धार्मिक परंपरा को निभाते चैत्र माह के नवरात्र से पहले भक्तों द्वारा अपने घरों में सोमवार रात को भोजन तैयार किया गया। जबकि मंगलवार को माता शीतला के दरबार में भोजन समर्पित करके पूरा दिन ठंडा भोजन ही खाया गया। दु र्ग्याणा के शीतला माता मंदिर और टाउन हाल स्थित लौंगा वाली देवी माता मंदिर में भक्तों ने माता शीतला जी के दरबार में जाकर माथा टेका। पुजारियों द्वारा पूजा-अर्चना करके भक्तों पर कच्ची लस्सी के छींटे मारे ताकि परिवार में सुख-शांति और माता शीतला की कृपा बरसती रहे। मंदिर के पुजारियों की मानें तो एक दिन पहले बनाए भोजन को खाने की परंपरा को बसोडा भी कहा जाता है। क्योंकि व्रत वाले दिन भोजन पकाने को अग्नि नहीं जलाई जाती। भक्तजन व्रत वाले दिन ठंडे भोजन का ही सेवन करते हैं। मान्यता है कि इससे शीतला माता चेचक रोग, खसरा आदि बीमारियों से राहत देती है। मंगलवार को दुर्ग्याणा स्थित 800 साल पुराने शीतला माता मंदिर में सुबह से लेकर दोपहर तक माथा टेकने वाले भक्तों की लंबी लाइनें लगी रहीं। इसी दौरान महिला भजन मंडली द्वारा माता शीतला का गुणगान किया गया। इस मौके पर शहर के कई भक्तजन मौजूद रहे।


