छत्तीसगढ़ सरकार आम लोगों की सुरक्षा को मजबूत करने और अपराध पर लगाम कसने के लिए प्रदेश में सार्वजनिक स्थलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी (क्लोज सर्किट टेलीविजन) कैमरा अनिवार्य करने वाली है। इसे लेकर सरकार कानून लागू करने वाली है। इस एक्ट का नाम Public Safety (Measures) Enforcement Act यानी सार्वजनिक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन अधिनियम हो सकता है। इस नए कानून को लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है। कानून के तहत प्रत्येक सार्वजनिक स्थान पर सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य होगा। व्यापारियों को भी नया प्रतिष्ठान या संस्थान शुरू करने से पहले तय करना होगा कि वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। प्रतिष्ठान या संस्थान शुरू करने के नियमों में ही इसे शामिल किया जाएगा। पुराने प्रतिष्ठान भी इस कानून के दायरे में होंगे। इसके साथ ही उन्हें इन सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग्स 30 दिन तक सुरक्षित रखनी होगी। अगर सुरक्षा के लिहाज से पुलिस रिकॉर्डिंग्स मांगती है तो इन्हें दिखाना भी होगा। इस कानून को न मानने पर जुनि का भी प्रावधान होगा। सीसीटीवी का 30 दिन का फुटेज रखना होगा 100 से ज्यादा लोग जुटें, वहां भी लगेंगे सीसीटीवी
प्रस्तावित मसौदे के तहत जिन स्थानों पर 100 से ज्यादा लोग इकट्ठा होते हैं या हो सकते हैं, ऐसे स्थलों पर भी सीसीटीवी लगाए जाएंगे। शादी घर, अस्पताल, रेस्टोरेंट, मॉल, कॉलेज, स्कूल, राजनीतिक और धार्मिक कार्यक्रम में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। पायलट प्रोजेक्ट नहीं, राज्य में एक साथ होगा लागू
सरकार पायलट प्रोजेक्ट लाने के बजाय सीधे पूरे प्रदेश में ये कानून लागू करेगी। भविष्य में इस कानून को अपग्रेड भी किया जा सकेगा। कानून का ड्राफ्ट तैयार होते ही इसे विधि विभाग के पास भेजा जाएगा। निर्भया कांड के बाद सार्वजनिक जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की सिफारिश हुई थी। 6 राज्यों में अलग-अलग प्रारूप में लागू है कानून
इस कानून के तहत मॉनिटरिंग के लिए कमेटी भी बनाई जाएगी। जो अलग-अलग स्तर पर निगरानी करेगी। इसी तरह के कानून आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, असम, गुजरात, बिहार, कर्नाटक में लागू हैं। हालांकि, इसके नियम राज्यों में अलग-अलग तय किए गए हैं। मध्यप्रदेश के इंदौर में, तमिलनाडु के स्थानीय शहरी निकायों में और नवी मुंबई में स्थानीय स्तर सीसीटीवी कैमरे को लेकर अलग-अलग व्यवस्था लागू हैं। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते सरकार नया एक्ट लाने वाली है। अभी कानून का प्रारूप फाइनल नहीं हुआ है। इस कानून के तहत प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य होगा और उन प्रतिष्ठानों को उसका 30 दिन का स्टोरेज अनिवार्य तौर पर सुरक्षित रखना होगा। -विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़


