छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नई शराब दुकान खोलने का ग्रामीणों ने विरोध किया। गुरुर ब्लॉक के ग्राम पेंडरवानी में आबकारी विभाग अधिकारी एनओसी लेने पहुंचे थे, जहां ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया, इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। पूरा मामला 23 मार्च का है। विरोध के दौरान ग्रामीण आपस में भिड़ गए, जिससे वहां विवाद की स्थिति बन गई। बढ़ते आक्रोश और विवाद की स्थिति को देखते हुए आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बैठक बीच में ही छोड़कर लौट गए। ग्राम पंचायत ने सर्वसम्मति से किया विरोध जब आबकारी विभाग की टीम गांव में शराब दुकान खोलने के लिए पंचायत प्रस्ताव लेने पहुंची। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं शामिल हुई और जमकर विरोध किया। बैठक में आबकारी उपनिरीक्षक आशाराम साक्या ने शराब दुकान खोलने के कथित फायदे गिनाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने तुरंत ही इसके नुकसान पूछ लिए। जैसे ही पंचायत प्रस्ताव की मांग की गई, तो महिलाओं और पुरुषों ने एकजुट होकर विरोध जताया और स्पष्ट रूप से हाथ उठाकर प्रस्ताव देने से इनकार कर दिया। पंचायत के इस फैसले पर आबकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना पंचायत प्रस्ताव के किसी भी गांव में शराब दुकान नहीं खोली जा सकती। यह सुनते ही ग्रामीणों में संतोष दिखा और उन्होंने खुशी जाहिर की। अवैध शराब बिक्री से ग्रामीणों में आक्रोश गांव में अवैध शराब बिक्री को लेकर बैठक में ग्रामीणों और महिलाओं ने जमकर नाराजगी जताई और शराब कोचियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। लेकिन स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब गुस्साए ग्रामीणों ने एक शराब कोचिए की सार्वजनिक रूप से पिटाई करने की कोशिश की, हालांकि समझाइश के बाद माहौल शांत हुआ। गांव में नशामुक्ति अभियान, नियम तोड़ने पर दंड का प्रावधान ग्राम पंचायत सरपंच त्रिलोकी राम साहू ने बताया कि गांव को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। पंचायत ने शराब के अवैध बिक्री और नशे में हंगामा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रस्ताव पारित किया है। ग्रामीणों के हस्ताक्षर के साथ यह स्पष्ट किया गया कि यदि कोई अवैध रूप से शराब बेचते पकड़ा जाता है या नशे में उपद्रव करता है, तो उसके खिलाफ पंचायत स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और दंड का प्रावधान लागू होगा।


