सीधी के शासकीय कॉलेज में गेस्ट फैकल्टी को आरएसएस जॉइन न करने पर बाथरूम में बंद करने और मारपीट का मामला सामने आया हैं। जिसमें आज हाई कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि आरोपियों के साथ ही एसपी और टीआई पर भी मुकदमा दर्ज कराया जाए। घटना सीधी के आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज 12 सितंबर की हैं, जिसमें सतना निवासी याचिकाकर्ता डॉक्टर रामजस चौधरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सीधी एसपी को आरोपियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पुलिस द्वारा सुनवाई न करने पर पीड़ित को निर्देश दिए हैं कि वो सीधी एसपी और मझगवां टीआई के खिलाफ सक्षम न्यायालय में एट्रोसिटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कराए। कोर्ट ने प्रिंसिपल को नोटिस जारी कर मांगा जवाब मारपीट की घटना के बाद कार्रवाई की बजाय पीड़ित को कॉलेज से बर्खास्त कर दिए जाने के मामले को भी हाई कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। उच्च शिक्षा विभाग और सीधी के आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज के प्रिंसिपल के खिलाफ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जिसकी अगली सुनवाई 5 जनवरी तय कर दी हैं। RSS जॉइन करने का बनाया था दबाव
पीड़ित गेस्ट फैकल्टी ने बताया कि अक्टूबर 2023 को टीचर डॉक्टर सुरेश कुमार तिवारी ने काॅलेज में आकर आरएसएस की मीटिंग जॉइन करने की बात कही थी। जिस पर मैंने मना कर दिया था। चौधरी ने बताया कि 15 फरवरी को काॅलेज के ही बाथरुम में आधे घंटे के लिए बंद कर दिया गया, मुश्किल से बाहर निकले। मई 2024 को राज किशोर तिवारी ने धमकी दी कि अब आगे देखना क्या-क्या होता हैं। इसके बाद 26 जुलाई को प्रिंसिपल के केबिन में घुसकर 6 लोगों ने जान से मारने की धमकी दी। 12 सितंबर 2024 को जब काॅलेज से घर जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रहे थे, तभी तीन लोग हथियार से लैस होकर आए और सरेराह मारपीट की गई। घायल हालत में रामजस अस्पताल पहुंचे, जहां पुलिस आई तो उन्हें बताया कि राज किशोर तिवारी, संदीप शर्मा, गीता भारती, सुरेश कुमार तिवारी और उनके साथियों ने हमला करवाया है लेकिन पुलिस ने नामजद की जगह अज्ञात लिखा। पुलिस से मदद मांगी तो गाली गलौज की रामजद के मुताबिक थाना प्रभारी मझगंवा दीपक सिंह ने मदद करने की वजह गाली गलौज करते हुए चार घंटे तक थाने में बैठाकर रखा। अगस्त माह में रामजद सीधी एसपी रविन्द्र वर्मा के पास शिकायत लेकर पहुंचे तो उन्होंंने आवेदन फाड़ दिया औऱ धमकी दी कि दोबारा आए तो थाने में बद करवा दूंगा। 10 आवेदन दे चुका हूंं पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। बता दें पीड़ित ने इस मारपीट में अपने घायल होने की तस्वीरें भी हाईकोर्ट में पेश की थीं। पीड़ित याचिकाकर्ता रामजस चौधरी का आरोप था कि एक तरफ उसकी शिकायतों पर पुलिस अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की, दूसरी तरफ कोर्ट में याचिका दायर करने के अगले ही दिन उसे कॉलेज से बर्खास्त कर दिया गया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सीनियर एडवोकेट रामेश्वर सिंह ने कोर्ट को बताया कि 9 दिसंबर को रामजस चौधरी ने मारपीट के मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की, एडवोकेट ऑफ जनरल को याचिका की कॉपी भी दी और अगले ही दिन सीधी के शासकीय आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज की प्रिंसिपल ने नौकरी से हटा दिया था। इस मामले को लेकर भी रामजस चौधरी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर 5 जनवरी को सुनवाई होगी।


