लुधियाना| इनकम टैक्स टीडीएस विंग ने हाल ही में टैक्स करेक्शन रिटर्न और वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट लक्ष्यों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में टैक्स विशेषज्ञों, एडवोकेट्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य टीडीएस (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना और करदाताओं को समय पर आवश्यक सुधार विवरण दाखिल करने के लिए प्रेरित करना था। इस बैठक की अध्यक्षता चंडीगढ़ से आए कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स जे. एस. काहलों ने की। उन्होंने करदाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि टीडीएस विवरण सही और समय पर दाखिल किए जाने चाहिए ताकि किसी भी गलती या असंगति से बचा जा सके। समय पर और सही फाइलिंग से विभागीय जांच और दंडात्मक कार्रवाई से भी बचा जा सकता है। बैठक में चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट लक्ष्यों पर भी विचार-विमर्श हुआ। आयकर अधिकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित राजस्व लक्ष्यों को हासिल करने के लिए टीडीएस और एडवांस टैक्स का समय पर भुगतान तथा सही रिटर्न दाखिल करना आवश्यक है। टैक्स प्रोफेशनल्स ने आयकर विभाग को ऑनलाइन कर प्रणाली में आने वाली कठिनाइयों से अवगत कराया। उन्होंने कर प्रक्रियाओं को और अधिक सरल बनाने का सुझाव दिया, ताकि करदाता अपने दायित्वों को सुगमता से पूरा कर सकें। इंडियन टैक्सेशन एडवोकेट एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट जतिंदर खुराना ने कहा कि आयकर विभाग करदाताओं की समस्याओं को समझता है और पारदर्शी कर प्रणाली लागू करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने करदाताओं से अपील की कि वे सभी कर दायित्वों का पालन करें और किसी भी त्रुटि की स्थिति में सुधार विवरण जल्द दाखिल करें। अंत में कर विशेषज्ञों ने आयकर विभाग की इस पहल की सराहना की और कर प्रणाली को अधिक सुचारू और प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। यह बैठक करदाताओं और कर अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने और कर प्रणाली को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी प्रियंका सिंगला, रामहेत मीना , बिमला रानी, सीए पीसी गोयल, सीए अमरजीत कंबोज समेत कई प्रमुख टैक्स प्रोफेशनल्स उपस्थित रहे।


