भास्कर न्यूज |बड़की सरिया इस्लाम धर्म में सप्ताह का पांचवा दिन शुक्रवार खास एहमियत रखता है। इस्लामिक शब्द में इसे जुमा कहा जाता है। जुमे के दिन को इस्लाम में छोटी ईद भी कहा जाता है। रमजान के पाक माह का अंतिम जुमा आज है। आज माह-ए-रमजान की अलविदा जुमे की नमाज पढ़ी जाएगी। अलविदा जुमा को अरबी में जमात-उल-विदा भी कहा जाता है। शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 2 बजकर 2.30 के बीच सभी मस्जिदों में अदा की जाएगी। बता दें कि पाक महीने रमजान में पड़ने वाले जुमा का और अधिक महत्व बढ़ जाता है। रोजा रखने वाले रोजेदारों ने बताया कि इस साल रमजान का चौथा या अलविदा जुमा पर नमाज की खास फजीलत है। रोजा से हैं कई फायदे, विभिन्न बीमारियों से भी निजात मिलती है।इस बारे में रोजेदार शाकीर अंसारी ने बताया कि रमजान रहमत व बरकत साथ लाता है। इस महीने का रोजा और इबादत इंसान को पवित्र बना देता है। रमजान के पाक महीने में जकात व फितरा देना सुन्नत मधवाडीह के इमाम मौलाना अजीमउद्दीन अंसारी ने कहा कि माह-ए-रमजान के पाक महीना में फितरा और जकात भी निकाला जाता है। फितरा व जकात इसलिए निकाला जाता है ताकि जो लोग बहुत गरीब हैं, वो भी ईद का पर्व खुशी से मना सके। इस्लाम में छोटी-छोटी बातों का भी ध्यान रखा जाता है। रमजान के महीने में मुसलमानों पर प्रति व्यक्ति फितरा वाजिब होता है, जो गरीबों में बांटा जाता है। इस महीने मे जकात और फितरा देना बहुत ही अच्छा माना जाता है। इसलिए रमजान के महीने में जकात और फितरा निकाला जाता है। पूरे माह में पूरी पाक तरीके से नन्हे रोजेदार भी रोजा रख कर इबादत करते हैं।


