अमृतसर नगर निगम की 29 मार्च को होने वाली बजट और जनरल हाउस मीटिंग में 459.45 करोड़ का बजट पेश किया जाएगा, जिसे हाउस से मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है। बजट पास होने के बाद ही नगर निगम का प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चलेगा। निगम अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन देने, डीजल-पेट्रोल की खरीद, विकास कार्य, पार्षदों के भत्ते और बिजली बिल जैसी आवश्यकताओं के लिए बजट का पारित होना जरूरी है। यही कारण है कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा पार्षद बजट का विरोध नहीं करेंगे। हालांकि, नगर निगम हाउस की बैठक में भारी हंगामे के आसार हैं, क्योंकि आम आदमी पार्टी (AAP) के मेयर जितेंद्र सिंह मोती भाटिया के पास इस समय बहुमत नहीं है। हाउस में कुल 85 पार्षद और 7 विधायक सदस्य हैं, जिनमें आम आदमी पार्टी के 24 पार्षद हैं, जिन्हें 7 आजाद पार्षदों और 2 भाजपा पार्षदों का समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा, कांग्रेस के 40 पार्षद और 1 आजाद पार्षद कांग्रेस के समर्थन में हैं, जबकि भाजपा के 7 और अकाली दल के 4 पार्षद हाउस में मौजूद हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 29 मार्च को होने वाली बैठक में कौन-कौन से सदस्य उपस्थित रहते हैं और हाउस की कार्यवाही किस दिशा में आगे बढ़ती है। जनरल हाउस मीटिंग में पेश किए जाने वाले प्रस्ताव बजट के बाद दोपहर 3:30 बजे जनरल हाउस की बैठक होगी, जिसमें कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। इनमें प्रमुख प्रस्ताव इस प्रकार हैं: सप्लीमेंट्री एजेंडे में रखे गए प्रस्ताव नगर निगम एजेंडा ब्रांच द्वारा 27 मार्च को सप्लीमेंट्री एजेंडा भी तैयार किया गया, जिसमें शामिल मुख्य बिंदु हैं: हालांकि, इन परियोजनाओं पर खर्च होने वाली राशि अभी तय नहीं की गई है, क्योंकि इनके लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) भी अभी तैयार नहीं हुई है। टेबल एजेंडा में वित्त और ठेका कमेटी के पार्षदों का चयन संभव जनरल हाउस की बैठक में टेबल एजेंडा भी पेश किया जा सकता है, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे होंगे: कांग्रेस का रुख – मेयर चुनाव को लेकर हाई कोर्ट में विचाराधीन मामला कांग्रेसी पार्षद विकास सोनी ने कहा कि मेयर चुनाव को लेकर मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि 29 मार्च की मीटिंग में कांग्रेस के 41 पार्षदों की उपस्थिति रहेगी। विकास सोनी ने कहा कि हाउस की मीटिंग में कांग्रेस के पास बहुमत है और उन्होंने यह भी कहा कि जब नगर निगम का हाउस नहीं था, तब भी निगम कमिश्नर द्वारा बजट की मंजूरी दी जाती थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 27 जनवरी को हुई मेयर चुनाव की मीटिंग में धक्केशाही हुई थी और अब 29 मार्च को कांग्रेस पार्षद किसी भी तरह की धक्केशाही बर्दाश्त नहीं करेंगे। देखें अजेंडा का इंडेक्स


