छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में 67 नई शराब दुकानें खोलने का प्रस्ताव रखा है। आबकारी विभाग इसकी तैयारी में जुट गया है। इस बीच कांकेर में भगवती मानव कल्याण संगठन ने इस फैसले का विरोध करते हुए ज्ञापन सौंपा है। संगठन का कहना है कि शराब दुकानों की वजह से प्रदेश में पहले से ही अपराध बढ़ रहे हैं। नई दुकानें खुलने से यह स्थिति और बिगड़ सकती है। संगठन को चिंता है कि कहीं छत्तीसगढ़ में उत्तर प्रदेश या बिहार जैसे हालात न बन जाएं। इससे यहां की शांति व्यवस्था भंग हो सकती है। संगठन का नशा विरोधी अभियान बता दें कि भगवती मानव कल्याण संगठन के संस्थापक परमहंस योगीराज शक्तिपुत्र महाराज के मार्गदर्शन में संगठन नशा विरोधी अभियान चला रहा है। संगठन और भारतीय शक्ति चेतना पार्टी की कांकेर शाखा के कार्यकर्ता इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। नशे से युवाओं का भविष्य खतरे में संगठन के सदस्यों ने कहा कि नशे के कारण आये दिन हादसे से हो रहे है और बड़े-बड़े अपराध, दुष्कर्म व छेड़खानी जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही है, जिसका दुष्परिणाम समाज व युवाओं पर पड़ रहा है। युवाओं में नशे की लत बढ़ा है जिससे उनका भविष्य खतरे में है। उग्र आंदोलन की चेतावनी संगठन के लोगों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि और शराब दुकानों में बढ़ोत्तरी ना करे। यदि फिर भी दुकान खोला जाता है तो उग्र आंदोलन करेंगे। वहीं उन्होंने जिले में अवैध शराब, गांजा तथा अन्य नशीले पदार्थों के बिक्री करने पर भी प्रतिबंध लगाने के लिए उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।


