बोकारो जिले के सेक्टर-8 स्थित काली बाड़ी के पास वाहन रिकवरी एजेंट को पकड़ने गई सीबीआई धनबाद की टीम पर हमला हो गया। हमले में टीम के तीन अधिकारी घायल हुए हैं। इनमें एएसआई दिनेश्वर पाल, सपन दुबे और विपिन प्रमाणिक शामिल हैं। तीनों को बोकारो जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार सीबीआई की 8 सदस्यीय टीम वाहन रिकवरी एजेंट धनराज कुमार चौधरी को गिरफ्तार करने पहुंची थी। धनराज सेक्टर-9 डी स्थित स्ट्रीट 36 आवास संख्या 804 के रहने वाले हैं। आरोप है कि पूरी किस्त जमा करने के बाद भी वे 15 हजार रुपए घूस मांग रहे थे। इसकी शिकायत सीबीआई से की गई थी। शिकायत पर टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर धनराज को कालीबाड़ी के पास पकड़ा। गाड़ी में बैठाने के दौरान हमला सीबीआई टीम जब उसे गाड़ी में बैठा रही थी कि लोग जमा हो गए। इस दौरान धनराज ने अपहरण का मामला बताकर लोगों को बरगला दिया। इसके बाद उसे छुड़ाने के लिए लोगों ने टीम के साथ धक्का-मुक्की कर दी। सीबीआई टीम कुछ समझ पाती, इससे पहले ही लोगों ने हाथापाई शुरू कर दी। इसमें तीन अधिकारी घायल हो गए। सीबीआई टीम ने जब अपना परिचय दिया तब लोग पीछे हटे। इसके बाद धनराज को लेकर टीम सेक्टर-9 हरला थाना पहुंची। वहां धनराज व अज्ञात लोगों पर मारपीट का मामला दर्ज करवाया गया। मामले में हरला पुलिस ने कांड संख्या 45/25 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाने में आवेदन देने के बाद सीबीआई टीम हरला पुलिस को लेकर धनराज के आवास पहुंची। वहां परिजनों से पूछताछ की गई। घर से कुछ कागजात लेने के बाद टीम चली गई। लोन पर खरीदा था ट्रैक्टर, रिकवरी एजेंट ने खींच ली थी गाड़ी हरला थानेदार अनिल कच्छप ने बताया कि अधिकारियों पर हमला होने के बाद सीबीआई की टीम थाना पहुंची। उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई गई और उनके काम को आगे बढ़ाया गया। सीबीआई टीम को एक ग्रामीण ने रिकवरी एजेंट धनराज चौधरी के खिलाफ घूस मांगने की शिकायत की थी। इसमें कहा गया था कि ग्रामीण ने लोन पर ट्रैक्टर खरीदा था। लोन की दो किस्त फेल होने के कारण धनराज ने ट्रैक्टर खिंचवा लिया था। इसके बाद पीड़ित ने लोन की बकाया किस्त जमा कर दी और ट्रैक्टर वापस लेने के लिए एजेंट धनराज के पास पहुंचा। लेकिन वह ट्रैक्टर छोड़ने के बदले 15 हजार रुपए घूस मांगने लगा। पीड़ित ने देने में असमर्थता जताई, तो ट्रैक्टर छोड़ने से इनकार कर दिया। पीड़ित ने इस बात की शिकायत सीबीआई से की थी। इसी शिकायत पर धनराज को ढूंढते हुए सीबीआई टीम बोकारो पहुंची थी।


