श्री मुक्तसर साहिब जेल से शुक्रवार को रिहा होने के बाद किसान नेता सरवन सिंह पंधेर सीधा पटियाला में जगजीत सिंह डल्लेवाल से मिलने पहुंचे। उन्होंने पंजाब सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करने का एलान किया है। पंधेर ने कहा कि 19 तारीख को जिस तरीके से पंजाब सरकार ने साजिश के तहत किसान आंदोलन को उठाया है, इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कुछ पुलिस अधिकारियों पर किसान नेताओं से मारपीट करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, सरकार के ही कुछ नेताओं पर किसानों का सामान चोरी करने के आरोप लग रहे हैं, जिसकी सीएम को तुरंत जांच करवानी चाहिए। मीटिंग में उन्होंने दो कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क और खेतीबाड़ी मंत्री खुड्डियां से बॉर्डर पर भारी पुलिस फोर्स लगाए जाने का कारण पूछा था। लेकिन समय इन दोनों कैबिनेट मंत्रियों ने भरोसा दिया था कि यह पुलिस नशे के विरुद्ध मुहिम के तहत लगाई गई है। किसानों को रिहा करने पर डल्लेवाल ने पानी पीया शुक्रवार को पटियाला के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में दाखिल किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने किसानों की रिहाई की खबर आने के बाद करीबन सात दिनों बाद पानी पिया। असल में किसानों की गिरफ्तारी के विरोध में डल्लेवाल पिछले करीब एक हफ्ते से पानी भी नहीं पी रहे थे। इसके बाद किसान नेता नवदीप जलवेड़ा और फिर सरवन सिंह पंधेर दोनों डल्लेवाल से मिलने अस्पताल पहुंचे। इधर…सरकार का कोर्ट में दावा- अनशन तोड़ा सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को किसानों को लेकर सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने दावा किया कि डल्लेवाल ने अनशन तोड़ दिया है। पंजाब के एजी गुरमिंदर सिंह ने बताया डल्लेवाल ने आज पानी ग्रहण कर उपवास तोड़ा। वहीं, किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि डल्लेवाल का अनशन खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने सिर्फ पानी पीया है। वह 19 मार्च से पानी भी नहीं पी रहे थे। उनका अनशन अब भी जारी है। पूरे पंजाब में किसानों ने प्रदर्शन कर जताया विरोध संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान संगठनों ने शुक्रवार को फरीदकोट, जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, बठिंडा, मोगा, मानसा, फाजिल्का, बरनाला समेत सभी जिलों में डीसी कार्यालयों पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पंजाब सरकार की ओर से शंभू व खनौरी बॉर्डर पर सरकार की 19 मार्च को अंजाम दी गई कार्रवाई के विरोध में था।


