झारखंड चैंबर की कार्यकारिणी समिति की बैठक शुक्रवार को चैंबर भवन में अध्यक्ष परेश गट्टानी की अध्यक्षता में हुई। चैंबर ने प्रदेश की विधि-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री और डीजीपी से ठोस कार्रवाई की अपील की। गट्टानी ने कहा कि प्रदेश में आए दिन हत्या, डकैती जैसी घटित हो रही है। इससे व्यापार जगत के साथ आमजनों में भय का माहौल बना हुआ है। चिंतनीय है कि त्योहारों के समय बंदी हो रही है। सरकार पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि व्यापारी भयमुक्त होकर आर्थिक गतिविधियों को गति दे सकें। बैठक में जेबीवीएनएल द्वारा प्रस्तावित नई बिजली टैरिफ पर आपत्ति जताते हुए व्यापारियों ने एकमत से प्रस्तावित टैरिफ का विरोध किया और नियामक आयोग से इसपर विचार करने का आग्रह किया। सदस्यों ने राज्य सरकार से प्रदेश में भवन नियमितीकरण योजना को जल्द प्रभावी बनाने तथा मास्टर प्लान 2037 में लैंड यूज में संशोधन करने की भी मांग की। झारखंड से एग्री एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए सदस्यों ने प्रदेश में एपीडा और डीजीएफटी के कार्यालय की स्थापना, पेस्टीसाइड रेसीड्यू लैब की स्थापना के साथ ही बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर वृहद कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड रूम और कारगो टर्मिनल की सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की। यह कहा कि इन प्रयासों से राज्य से एग्री एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। मौके पर विकास विजयवर्गीय, नवजोत अलंग, रोहित अग्रवाल, संजय अग्रवाल, अमित साहू, अमित शर्मा, आस्था किरण, डॉ अभिषेक रामाधीन व अन्य सदस्य थे। झारखंड में जीएसटी रजिस्ट्रेशन बंद होने से होने वाली कठिनाई पर सदस्यों ने कहा कि झारखंड के आवेदन को पटना भेजा जाता है। जहां हमारे अधिकांश आवेदन रिजेक्ट कर दिए जा रहे हैं। झारखंड का जीएसटी रजिस्ट्रेशन बिहार में क्यों? चैंबर महासचिव आदित्य मल्होत्रा ने इस मामले में जल्द ही विभागीय आयुक्त से मिलकर वार्ता करने की बात कही। न्यूनतम मजदूरी शुल्क अव्यवहारिक झारखंड में प्रभावी न्यूनतम मजदूरी शुल्क की अव्यवहारिकता से होने वाली परेशानियों पर चैंबर ने झारखंड उच्च न्यायालय में दायर की गई याचिका से भी महासचिव आदित्य मल्होत्रा ने सदस्यों को अवगत कराया। बैठक में एसपीटी एक्ट और खासमहल भूमि की समीक्षा के लिए सरकार द्वारा गठित कमेटी में झारखंड चैंबर के एक सदस्य और दुमका बार काउंसिल से विशेषज्ञ अधिवक्ता को शामिल किए जाने की जरूरत बताई गई।


