आज ट्रेजरी से निकल सकते हैं 1700 करोड़ 29 मार्च चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 का अंतिम कार्य दिवस है। दोपहर तीन बजे तक ही ट्रेजरी में बिल लेने का निर्देश दिया गया है। इसबार 1.29 लाख करोड़ का बजट था। फरवरी तक करीब 90 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए थे। मार्च महीने में 26 तारीख तक करीब 17 हजार करोड़ रुपए की निकासी हुई है। 29 मार्च तक करीब 2.5 हजार करोड़ रुपए निकासी की संभावना है। सरकार के आय और व्यय के हिसाब से बजट का 18 से 20 हजार करोड़ रुपए सरेंडर हो सकता है। वर्ष 2023-24 में 1.07 लाख करोड़ खर्च हुए थे। इसबार कुल 1.10 लाख करोड़ खर्च होने की संभावना है। इस बार 29 मार्च ही वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन होगा। रविवार और ईद के कारण 30- 31 मार्च को सभी कार्यालय बंद रहेंगे। 29 मार्च को सभी ट्रेजरी और संबंधित बैंकों की शाखाएं रात 11 बजे तक खुली रहेंगी। 29 मार्च को तीन बजे तक बिल लेने के बाद रात 10 बजे तक ही एसएफटीपी सर्वर में प्राप्त हुए ई-पेमेंट फाइल का भुगतान होगा। जानकारी के मुताबिक 29 मार्च को 1500-1700 करोड़ रुपए की निकासी हो सकती है। इसबार वित्त विभाग ने अग्रिम के रूप में एसी बिल से पैसे निकालने की मनाही की है। सहायता अनुदान छोड़ अन्य पैसे पीएल (पब्लिक लेजर) अकाउंट में जमा करने पर भी रोक है। पीएल अकाउंट में 1500 करोड़ रुपए तक ही जमा हो सकते हैं। राज्य सरकार के लिए पूरे वित्तीय वर्ष में 15 हजार करोड़ रुपए तक ऋण लेने की सीमा तय है। सरकार ने पहले लोन नहीं लिया था। मार्च में 3500 करोड़ रुपए लोन लिया है। इससे पहले झारखंड सरकार ने 7000 करोड़ रुपए लोन वापस किया है। धनबाद, जमशेदपुर समेत कई जिलों को करोड़ों मिले धनबाद, जमशेदपुर समेत कई जिलों में अंतिम सप्ताह में करोड़ों रुपए दिए गए हैं। पूर्वी सिंहभूम में पथ निर्माण प्रमंडल के लिए 5.50 करोड़, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के लिए 3 करोड़ का आवंटन भेजा गया है। धनबाद के विभागों को करीब 15 करोड़ रुपए का आवंटन पहुंचा है। इसमें पथ निर्माण प्रमंडल के 3 करोड़, विशेष प्रमंडल के 2.5 करोड़, ग्रामीण कार्य प्रमंडल के 6 करोड़ और लघु सिंचाई प्रमंडल के 2 करोड़ रुपए शामिल हैं। शुक्रवार को राज्य के सभी ट्रेजरी में बिल की तादाद काफी अधिक रही।


