रांची में शुक्रवार से ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन के 11वें सम्मेलन की शुरुआत हुई। इसमें देश भर से आए 320 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। सीएमपीडीआई के वासुदेव आचार्य नगर में तीन दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में सीटू के राष्ट्रीय महासचिव तपन सेन ने कहा कि पूंजीवाद ही मजदूरों का दुश्मन है। मजदूरों को पूंजीवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने की जरूरत है। कोयला उत्पादन की प्रक्रिया रिस्ट्रक्चरिंग मोड में चल रही है। यह मजदूर विरोधी है । अब कंपनी में 80% उत्पादन ठेका मजदूरों से हो रहा है, यह स्थिति बहुत ही चुनौतीपूर्ण है। इससे निपटने के लिए सड़क पर उतरना होगा। सम्मेलन की शुरुआत में दिवंगत साथियों को याद करते हुए 1 मिनट का मौन रखा गया। सम्मेलन में असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना से आए सीटू से संबंधित 23 यूनियनों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। स्वागत समिति के अध्यक्ष विश्वजीत देव ने केंद्र सरकार द्वारा लेबर कोड लागू करने की योजना के विरोध में 20 मई को होने वाली हड़ताल को सफल बनाने के लिए करो या मरो का आह्वान किया। इस अवसर पर ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन के महासचिव ने अपनी रिपोर्ट सदन पटल पर रखी और उस पर चर्चा शुरू हुई। 30 मार्च को नई कार्यकारिणी का गठन होगा।


