देश में पहली बार शिक्षकों और बच्चों पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के माध्यम से नजर रखी जाएगी। इसके लिए रायपुर में जनवरी 2024 से काम चल रहा था। समग्र शिक्षा केंद्र के कार्यालय में विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) बनाया गया है। आईआईटी भिलाई के छात्रों ने मिलकर मोबाइल एप, बेवसाइट और कॉल सेंटर तैयार किया है। इसमें किसी भी स्कूल की रियल टाइम जानकारी एक क्लिक पर पता की जा सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को बिलासपुर से विद्या समीक्षा केंद्र की शुरुआत करेंगे। इससे प्रदेश के 56,080 स्कूलों में पढ़ रहे 56,12,889 बच्चों और 1,80,790 शिक्षकों की मॉनिटरिंग हो सकेगी। इस योजना के आते ही शिक्षा जगत में बड़ा बदलाव आने वाला है। नई शिक्षा व्यवस्था कैसी होगी, ऐसे समझें…. देश में पहली बार एआई ‘विद्या’ से रखी जाएगी शिक्षकों-बच्चों पर नजर बच्चों की मोबाइल पर लगेगी अटेंडेंस
सरकारी स्कूलों के शिक्षक अपने मोबाइल में वीएसके एप डाउनलोड करेंगे। जैसे ही वे स्कूल की परिधि में पहुंचेंगे तो उन्हें अटेंडेंस लगाने का ऑप्शन मिल जाएगा। जब वे क्लास में पहुंचेंगे तो रजिस्टर की जगह इसी एप पर छात्रों की अटेंडेंस लगाएंगे। डिफाल्ट में क्लास के सभी बच्चे उपस्थित नजर आएंगे। इसके बाद भी अनुपस्थित छात्रों की जानकारी शिक्षक रियल टाइम अपडेट करेंगे।
विद्या के जवाब से बनेगी नीति
वीएसके में तैयार की गई एआई का नाम विद्या रखा गया है। विद्या से जो भी पूछा जाएगा वो मिनटों में उसका जवाब देगी। उदाहरण के तौर पर प्रदेश के किस जिले में एकल शिक्षक स्कूल हैं। कहां शिक्षक अधिक हैं। किस शिक्षक को कहां भेजा जाए तो कार्य प्रभावित नहीं होगा। इन जवाबों के आधार पर ही विभाग अपनी प्लानिंग करेगा। साथ ही मरम्मत का बजट भी उसी तरह
योजनाओं पर भी रखेगी नजर
शिक्षा विभाग में चल रही योजनाओं पर भी वीएसके के जरिए ही नजर रखी जाएगी। मध्यान्ह भोजन में कितने बच्चों ने खाना खाया और कहां खाना बना ही नहीं, यह हर दिन का अपडेट होगा। पाठ्य पुस्तक निगम से मिलने वाली किताबों पर अब बार कोड लगा होगा, जिससे वीएसके यह बता देगी कि किस स्कूल के लिए कितनी किताबें आवंटित हुई थीं और वहां कितनी मिलीं। अब तक 80 हजार पैरेंट्स का ट्रायल फीडबैक वीएसके के लिए समग्र शिक्षा केंद्र ऑफिस में एक कॉल सेंटर बनाया गया है। इसमें आईआईटी भिलाई के 10 स्टूडेंट ट्रायल पर काम कर रहे हैं। इसमें पूरे प्रदेश के शिक्षकों और पालकों की डिजिटल फोन डायरेक्ट्री तैयार की गई है। जनवरी से इसका ट्रायल शुरू हो चुका है। हर दिन 600 कॉल लगाए जा रहे हैं। 3 महीने में करीब 80 हजार कॉल कर फीडबैक लिया जा चुका है। यह बदलाव भी होने वाले हैं • रिटायर होने के बाद भी शिक्षकों को वेतन मिलने की शिकायत आती थी। अब उनके सैलरी कोड से यह हर महीने अपडेट होता रहेगा कि कहां, कौन शिक्षक रिटायर हुआ और किसका प्रमोशन होना है।
• स्कूल, शिक्षक और बच्चों का हर साल असेसमेंट भी किया जाएगा। जैसे, अगर किसी स्कूल में 30 प्रतिशत बच्चे फेल हो रहे हैं तो शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।
• टीचर की ट्रेनिंग का माड्यूल भी तैयार किया गया है। शिक्षक ट्रेनिंग में क्या सीख रहे हैं और उसे स्कूल में कितना एप्लाई कर रहे हैं, इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी।
• आने वाले समय में प्राइवेट स्कूलों की मॉनिटरिंग भी इसी से होगी। आरटीई के तहत दो साल बाद बच्चे उसी स्कूल में हैं या नहीं, यह चेक किया जाएगा।
• छत्तीसगढ़ बोर्ड की मान्यता लेने वाले प्राइवेट स्कूल मापदंडों को पूरा कर रहे हैं या नहीं, यह भी जांचा जाएगा। सीजी बोर्ड की किताबों का क्या हो रहा है, इसकी मॉनिटरिंग भी होगी।


