भास्कर न्यूज | नर्मदा जिला सचिव संघ के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह के समक्ष अपनी शासकीयकरण की एक सूत्रीय मांग को लेकर मुलाकात की। उन्हें अवगत कराया कि विधान सभा चुनाव 2023 के समय बीजेपी के घोषणा पत्र में शामिल कर पंचायत सचिवों का शासकीयकरण करने की बात कही गई थी। भाजपा की बहुमत से सरकार बनीं। 480 दिन बीत जाने के बाद भी आदेश नहीं होने से नाराज पंचायत सचिव हड़ताल पर हैं, जिससे ग्राम पंचायत में संचालित समस्त योजनाएं पूरी तरह ठप हो चुकी है। कई ग्राम पंचायत के नव निर्वाचित सरपंच प्रभार नहीं लिए हैं, जिसके चलते सरपंचों को कार्य करने में परेशानी हो रही हैं। संघ के मुलाकात पर विक्रांत सिंह ने कहा कि आप लोग ग्राम पंचायत की रीढ़ हो। हड़ताल में चले जाने से ग्राम पंचायत का कार्य बाधित हो रही है। जल्द हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटें। मैं आप लोगों की मांग को पंचायत मंत्री और मुख्यमंत्री तक पहुंचाकर पूरा करने निवेदन करूंगा। सचिव संघ के जिला अध्यक्ष लोकेश जंघेल ने बताया कि अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर प्रदेश पंचायत पदाधिकारियों, जिला अध्यक्ष और पंचायत मंत्री विजय शर्मा के बीच चर्चा हुई है, जिसमें पंचायत मंत्री ने कहा है कि आप लोगों का जो मांग है वे मोदी के गारंटी में है तो निश्चित रूप से पूरी होगी। उसके लिए पांच सदस्यों के टीम के साथ समिति का गठन कर दिया है। रिपोर्ट आने के बाद आप लोगों के पक्ष में आदेश होगा। आप लोग अपने काम पर लौट जाए। पूर्व में भी एक महीना में रिपोर्ट देने की बात कही थी सचिव संघ के पदाधिकारियों ने यह कहकर हड़ताल वापस नहीं लिए कि पूर्व में भी समिति बनाकर एक महीना में रिपोर्ट देने की बात आपके द्वारा किया गया था किंतु आज तक रिपोर्ट नहीं आया और फिर से समिति बना दिया गया जिस पर विश्वास कैसे करें। चर्चा के दौरान सचिव संघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र पैकरा ने कहा कि हमारा शासकीयकरण कब तक हो जाएगा समय सीमा बताएं या समिति में सचिवों को भी शामिल किया जाए पर पंचायत मंत्री ने इस पर राजी नहीं हुए जिसके कारण सकारात्मक बात नहीं हो पाई। इसके कारण सचिव संघ ने हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया है। इस मौके पर लाला जंघेल, निलेश सिंह, जागेश्वर धनकर, भागवत साहू, गेंदकुमार जंघेल आदि मौजूद रहे।


