सालरगोंदी मामले में हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, पंचायत और प्रशासन को नोटिस

सालरगोंदी मामले में हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, पंचायत और प्रशासन को नोटिस
अब जागा राष्ट्रीय मीडिया, 6 माह पहले आर्यावर्त ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था समाचार
संतोष कुमार झा
अनूपपुर।
जिले की पुष्पराजगढ जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत सालारगोदी में एक विवादास्पद प्रस्ताव पारित किया गया था, जो अब 6 महीनों बाद इलेक्ट्राॅनिक मीडिया और राष्ट्रीय समाचार पत्रोें में चर्चा का विषय बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि आर्यावर्त समाचार पत्र ने इस मामले पर नवंबर 2024 में ही संज्ञान लेते हुए खबर  प्रकाशित  किया था। कई समाचार पत्रों और पोर्टल पर यह समाचार चल रहा है जिसमें यह बताया गया है कि ग्राम सचिव को पंचायल सदस्यों द्वारा पारित प्रस्ताव को न माने जाने के कारण स्थानांतरित कर दिया गया था। जोकि पूर्णतः असत्य है, जिला प्रशासन के संज्ञान में जैसे ही मामला आया प्रशासन  ने पंचायत, सरपंच, पंचों एवं ग्राम सचिव को नोटिश जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था, इस मामले में जिला  प्रशासन  ने दोषी पाए गए ग्राम सचिव को निलंबित किया, दूसरी ओर पंचायत सदस्य की सदस्यता रद्द की थी।
क्या था मामला
जिले की सालरगोंदी ग्राम पंचायत में कमीशनखोरी के लिए प्रस्ताव पारित किया गया था  सरपंच, उप सरपंच और पंचों ने विकास कार्यों में कमीशन की दरें तय की थी और कहा था कि अगर उन्हें उनके प्रस्ताव के मुताबिक  कमीशन  नहीं मिलता तो वे  सरकारी  विकास कार्य में सहयोग नहीं करेंगे. सरपंच के लिए 10 प्रतिषत, उप सरपंच के लिए 7 प्रतिषत और पंच के लिए 5 प्रतिषत कमीशन निर्धारित किया गया था। चैंकाने वाली बात यह थी कि इस भ्रष्टाचार को एक आधिकारिक नोटशीट पर दर्ज किया गया था और इसे ग्राम पंचायत में पारित भी कर दिया गया था। जब पंचायत सचिव ने इस प्रस्ताव का विरोध किया, तो उसे सरपंच और पंचों ने दबाव बनाकर पंचायत आने से रोका।
जिला प्रशासन ने की थी त्वरित कार्रवाई
जिले के पुष्पराजगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सालरगोदी के ग्राम सभा में विधि विरुद्ध पारित प्रस्ताव मामले में सोशल मीडिया में प्रसारित खबर पर जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए यथा समय ही कार्यवाही की थी इस संबंध में बताया गया है कि ग्राम पंचायत सालरगोदी के सरपंच, उप सरपंच एवं समस्त पंचों को मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत नोटिस दिया गया प्रकरण की 16 एवं 26 नवंबर 2024 को सुनवाई कर सरपंच उप सरपंच, पंच, सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक द्वारा प्रस्तुत कथन जवाब व दस्तावेजों का अवलोकन, परीक्षण उपरांत अधिनियम की धारा 40 के तहत 26 दिसंबर 2024 को आदेश पारित करते हुए दोषी पाए उप सरपंच सोनिया बाई एवं वार्ड नंबर 2 की पंच नरबदिया बाई को पद से हटाया जाकर शेष ग्राम पंचायत पदाधिकारी को भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न होने की चेतावनी दी गई इस प्रकरण पर  सुनवाई में सरपंच द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज के अनुसार पारित प्रस्ताव को निरस्त करने की कार्यवाही भी की गई है इस मामले में पदीय दायित्वो के प्रति लापरवाही बरते जाने के कारण ग्राम पंचायत सालारगोंदी की सचिव श्रीमती जयंती पनाडिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है इस तरह प्रशासन द्वारा दोषीयो के विरुद्ध कार्रवाई संस्थित की गई है।
हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
लगभग 6 महीने बाद अब इस प्रस्ताव को लेकर इस मामले में जनहित याचिका दायर की गई है और कोर्ट ने प्रशासन को नोटिस जारी किया है। यह मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में पहुंचा। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैथ की बेंच ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन और पंचायत के प्रतिनिधियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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