रामपुर बटुरा के प्रभावित किसानों को एसईसीएल नहीं दे रहा विस्थापन मुआवजा और रोजगार  उपमुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन

रामपुर बटुरा के प्रभावित किसानों को एसईसीएल नहीं दे रहा विस्थापन मुआवजा और रोजगार  
उपमुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री को सौंपा ज्ञापन
अनूपपुर।
रामपुर बटुरा खुली कोयला खदान के प्रभावित  किसानों की एक टीम षहडोल जिले के प्रवास पर आए मप्र सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला जिले के दौरे पर अल्प प्रवास में बुढार पहुंचे जैसे ही रामपुर के किसानों प्रतिनिधियों को खबर लगी वैसे ही अपनी पीड़ा को अपने प्रभारी मंत्री तक पहुंचाने हेतु बुढार पहुंचकर रामपुर बटुरा खुली खदान परियोजना के प्रभावित किसानों ने 2016 से बल्कि यह कहें तो अतिसंयोक्ति नहीं होगी 2009-10 से अधिक रामपुर बेलिया खड़ा कोयलार, अतरिया, बिछिया, खैरबना एवं अन्य गांव के किसानों के विस्थापन मुआवजा और रोजगार को लेकर एसईसीएल एवं सहयोगी जिला प्रशासन के द्वारा की जा रही है हीला-हवाली कर रही है। जबकि उद्योग को लेकर कोल मंत्रालय सोहागपुर रामपुर और जिला प्रशासन कोयले को खनन तेजी से कैसे करते हैं गांव के नजदीक तक आ कर देखा जा सकता है जबकि पॉलिसी में साफ दर्ज है कि जब तक किसानों के विस्थापन की कार्रवाई पूर्ण नहीं होगी तब तक खदान को संचालित नहीं किया जाएगा लेकिन यहां पर अंधेर नगरी चैपट राजा टके सेर भाजी टके शेर खाजा की कहावत चरितार्थ हो रही है। साथ ही रामपुर के किसानों के आश्रित को अलग-अलग जगह रोजगार में भेज दिया गया है ना उनके बराबर रहने के लिए कमरा और ना कोई सुविधा उन्हें मुहैया कराया गया है उनके माता-पिता बुजुर्ग रामपुर में खदान के प्रदूषण का शिकार होते चले जा रहे हैं और बच्चे बेरोजगारी के दौड़ में रोजगार मिला है तो रोजगार में लगे हुए हैं, ऐसी स्थिति में किसानों के द्वारा प्रदेष सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं षहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ला से पुनर्वास पुनर्स्थापना पर संपत्ति की समस्त प्रकार के मुआवजा और रोजगार के कार्यवाही के साथ-साथ इस मांग पर भी जोर दिया गया है कि रामपुर बटुरा खुली प्रभावित किसानों के आश्रितों को अंडरग्राउंड माइंस में जानबूझ कर रोजगार दिया गया है। जबकि उनकी जमीन खुली कोयला खदान परियोजना से अर्जित की गई है, इस वजह से प्रभावित किसानों की मांग है कि उनके आश्रितों को खुली कोयला खदान में रोजगार हेतु पदस्थ किया जाए। इन सभी मांगों को लेकर आग्रह किया है कि हमारे किसानों के समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द किया जाए अन्यथा किसान मजबूर होकर सड़क पर उतरेंगे और जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा खदान को अनिश्चितकाल के लिए बंद करेंगे। ज्ञापन में उपस्थित मुख्य रूप से जनपद सदस्य चंद्र कुमार तिवारी पूर्व सरपंच झोले बैगा सांसद प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ साथी राजकमल मिश्रा जी आनंद त्रिपाठी उप सरपंच राजाराम, पूर्व जनपद सदस्य नेमसाय राठौर, दिलीप पांडे, राजेश सोनी, वेद प्रकाश, सामाजिक कार्यकर्ता एवं किसान नेता भूपेश शर्मा सहित अन्य ग्रामीण की भागीदारी रही उपमुख्यमंत्री के द्वारा अस्वस्थ कराया गया है आज ही जिला कलेक्टर से इस संदर्भ में बात करेंगे।

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