पाकुड़ में एक अजीब घटना सामने आई। हिरणपुर थाना क्षेत्र के मुर्गाडांगा गांव में कालाजार उन्मूलन अभियान के तहत शुक्रवार की रात चौपाल लगाने गए स्वास्थ्यकर्मियों को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझ लिया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्यकर्मियों को रोक लिया। उनसे आधार कार्ड दिखाने को कहा। स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि वे कालाजार उन्मूलन के लिए आए हैं, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। वहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। बीडीओ और सीओ पहुंचे गांव में स्वास्थ्यकर्मियों ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। प्रखंड विकास पदाधिकारी दिलीप टुडू, सीओ मनोज कुमार और थाना प्रभारी रंजन कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। चिकित्सा पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह भी वहां आए। दवा छिड़काव से पहले रात्रि चौपाल की जाती है अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही गांव के कुछ प्रमुख लोगों ने स्थिति संभाली। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को मुक्त करवाया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि कालाजार उन्मूलन अभियान जरूरी है। इसके लिए दवा छिड़काव से पहले रात्रि चौपाल की जाती है। वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में बच्चा चोरी की चर्चा है। इसलिए रात में अनजान लोगों को देखकर उन्होंने ऐसा किया। रात्रि चौपाल के लिए पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों को बच्चा चोर समझ कर ग्रामीणों द्वारा बंधन बना लिया गया था। बाद में असलियत मालूम होने के बाद ग्रामीणों ने उन्हें छोड़ दिया। -सुनील कुमार सिंह, चिकित्सा पदाधिकारी


