बागबेड़ा क्षेत्र में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो गया है। क्षेत्र का भूजल स्तर 600 फीट से नीचे चला गया है। इससे लगभग 2 लाख की आबादी पीने के पानी के लिए परेशान है। बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोध झा के नेतृत्व में स्थानीय लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। वे बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना को तुरंत लागू करने की मांग कर रहे हैं। 30 टैंकरों की तत्काल मांग जिला प्रशासन से 30 टैंकरों की तत्काल मांग की गई है। इन टैंकरों के लिए जुस्को, तारापुर कंपनी, यूसीएल कंपनी और विभिन्न सामाजिक संगठनों से सहयोग मिल सकता है। इन टैंकरों को 21 पंचायतों के 113 गांवों और रेलवे क्षेत्र की 33 बस्तियों में भेजा जाना है। डीप बोरिंग से भी पानी नहीं मिल रहा क्षेत्र में स्थिति बेहद गंभीर है। सभी सरकारी बोरिंग सूख चुके हैं। डीप बोरिंग से भी पानी नहीं मिल रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में बागबेड़ा, किताडीह, घाघीडीह, हरहरगुड्डू, गांधीनगर, रामनगर, पश्तो नगर और बागबेड़ा हाउसिंग कॉलोनी शामिल हैं। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जिला प्रशासन जल्द ही टैंकरों की व्यवस्था नहीं करता है, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।


