छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के जरहागांव नगर पंचायत में अवैध शराब और नशीली पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने अनोखी शुरुआत की है। नवनिर्वाचित अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पार्षदों ने नगर पंचायत की सभा में बकायदा इसको लेकर न सिर्फ सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया। बल्कि लिखित में पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की भी मांग की है। दरअसल, जरहागांव नगर पंचायत में अवैध शराब और अन्य नशीली पदार्थों के बिक्री को लेकर जरहागांव थाना प्रभारी को पत्र लिखा गया है। जिसमें CMO एसके गुप्ता से लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष रुपाली वेदप्रकाश कश्यप, उपाध्यक्ष मनोज कश्यप और पार्षदों ने हस्ताक्षर किया है। जिसमें कहा गया है कि, 28 मार्च को आयोजित नगर पंचायत जरहागांव के विशेष सम्मेलन में नव निर्वाचित अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और पार्षदों ने सर्व सम्मति से नगर में अवैध रूप से नशीली पदार्थों के बिक्री किए जाने पर तत्काल रोक लगाने का निर्णय लिया है। पदाधिकारियों ने क्या कहा ? पदाधिकारियों का कहना है कि, जरहागांव नगर में अवैध शराब और अन्य नशीली पदार्थों के अवैधानिक तरीके से बिक्री किए जाने से बच्चे से लेकर युवा और बुजुर्ग भी नशे की आगोश में समाता जा रहा है। गांवों में शाम होते ही माहौल खराब हो जाता है। जिसके बाद असामाजिक तत्व कई तरह के आपराधिक कृत्यों को अंजाम देते हैं। नगर पंचायत जरहागांव और छतौना में अवैध रूप से शराब और अन्य नशीला पदार्थ की बिक्री किया जा रहा है। जिस पर सख़्ती से कार्रवाई होनी चाहिए। चिकन सेंटर की आड़ में शराबखोरी पदाधिकारियों ने चर्चा में यह भी कहा कि, जरहागांव और बॉर्डर के ग्राम छतौना में ढाबा-चिकन सेंटर की आड़ में शराब परोसी जाती है। कुछ चिकन सेंटर में तो शराब भी बेचा जाता है। जिससे लोगों को आसानी से नशीला पदार्थ उपलब्ध हो जाता है। जिस पर पुलिस को सख्त होने की न सिर्फ जरूरत है, बल्कि कड़ी कार्रवाई भी होनी चाहिए। इस तरह के माहौल खराब करने वाले चिकन सेंटर और ढाबा को नगर-गांव की रिहायशी इलाके से हटाकर दूसरे जगह शिफ्ट किया जाना चाहिए।


