छत्तीसगढ़ में बनेगा रिसर्च पार्क:IIT भिलाई और दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के बीच हुआ MOU, आदिवासी समस्याओं पर बेस्ड स्टार्टअप होंगे शुरू

भारत में पहली बार IIT आदिवासियों से जुड़े स्टार्टअप पर काम करेगा। IIT भिलाई के डायरेक्टर राजीव प्रकाश ने ये दावा किया है। रायपुर में आयोजित आईआईटी भिलाई एंड छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में उन्होंने नए रिसर्च सेंटर की जानकारी दी। इस रिसर्च सेंटर को लेकर दंतेवाड़ा के जिला प्रशासन और IIT भिलाई के बीच शनिवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में MOU हुआ। IIT के डायरेक्टर राजीव प्रकाश ने बताया कि इससे पहले एक रिसर्च सेंटर भिलाई कैंपस और दुर्ग में शुरू किया जा रहा है। इन सेंटर्स का मकसद स्टार्टअप को बढ़ावा देना है। दंतेवाड़ा के सेंटर को लेकर उन्होंने कहा, भारत में पहली बार ट्राइबल रिसर्च पार्क बनने जा रहा है। वहां की जो समस्याएं हैं, उसे कैसे हल कर सकते हैं, इससे जुड़े स्टार्टअप क्या हो सकते हैं, इस पर काम होगा। IIT डायरेक्टर ने बताया, आदिवासी युवा यहां अपने स्टार्टअप कैसे कर सकते हैं, इसके लिए काम किया जा रहा है। वहां की पैदावार से कैसे फूड प्रोडक्ट तैयार हो, पीने के पानी, हेल्थ हाइजीन से जुड़े रिसर्च बेस्ड स्टार्टअप स्थापित होंगे। कैसे वहां एआई की मदद से काम हो, ये सोचकर दंतेवाड़ा में रिसर्च पार्क शुरू किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा, उद्यम के लिए बदलती हुई तकनीक से तालमेल बहुत जरूरी है। समय के साथ तकनीक में बहुत तेजी से बदलाव हो रहा है। जो उद्यम तकनीक के साथ खुद को अपडेट नहीं करते, वे पीछे रह जाते हैं। आज नई तकनीक को अपनाकर ही सफलता के मानदंडों पर खरा उतरा जा सकता है। विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ बनाने में भी टेक्नोलॉजी की बड़ी भूमिका होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुझे खुशी है कि आईआईटी भिलाई द्वारा ‘विजन विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ‘छत्तीसगढ़ इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव’ किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ हर लिहाज से समृद्ध है। यहां वन संपदा और खनिज संसाधन भरपूर है। हमारा प्रदेश ‘धान का कटोरा’ कहलाता है और यहां के किसान मेहनतकश हैं। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि विकसित छत्तीसगढ़ के लिए राज्य सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किया है और नई औद्योगिक नीति 2024-2030 लागू की गई है। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन पर सरकार का विशेष फोकस है। बीस्पोक पॉलिसी और सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस नई नीति को लेकर निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि निवेशक अब छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित हो रहे हैं। हाल ही में बेंगलुरु में आयोजित ‘इन्वेस्ट कनेक्ट मीट’ में छत्तीसगढ़ को 3700 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। नई दिल्ली और मुंबई में भी ‘इन्वेस्ट कनेक्ट मीट’ आयोजित की गई, जिनमें निवेशकों ने छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर उत्साह दिखाया है।

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