आज से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है। रायगढ़ के देवी मंदिरों में आस्था के दीप जलेंगे। इसके लिए मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई है। इस बार देवी मां गज पर सवार होकर आ रही है। पंडित धीरजकृष्ण शर्मा ने बताया कि इस बार अमृत योग है और माता रानी गज (हाथी) पर सवार होकर आ रही है। ऐसे में इसे काफी शुभ माना जाता है। उन्होंने बताया कि चैत्र नवरात्रि में सर्वार्थ योग बन रहा है और पंचक समाप्त हो रहा है। इससे सुख समृद्धि और अतिवृष्टि साल भर रहेगा। इससे यह साल अच्छा रहेगा। नवरात्रि को लेकर मंदिरों में भी तैयारियां पूरी कर ली गई है और 30 मार्च से देवी मंदिरों में कलश स्थापना की जाएगी। विधिविधान से होगी पूजा अर्चना देवी मंदिरों में नवरात्र भर पूजा अर्चना के साथ भजन संध्या की जाएगी। शहर के बूढ़ी माई मंदिर की रंग रोगन के साथ उसे झालरों से सजाया गया है। इसके अलावा बंजारी मंदिर, दुर्गा मंदिर और समलाई मंदिर में भी पूरे नौ दिनों तक विधिविधान के साथ पूजा अर्चना होगी। बंजारी मंदिर में मां के दर्शन के लिए श्रद्धालु काफी संख्या में दूर-दराज से पहुंचते हैं। राम जानकी मंदिर के पास 1100 दीप जलाए जाएंगे नवरात्रि में नयागंज कोष्टापारा स्थित राम जानकी मंदिर के पास दीप प्रज्वलन का कार्यक्रम रखा गया है। इस वर्ष लगभग 1100 दीप जलाए जाएंगे, जो कि शीतला मां मंदिर से प्रारंभ करके समलेश्वरी मंदिर, देवांगन धर्मशाला, हनुमान मंदिर, शीतला मंदिर, राम मंदिर होते हुए मां सरस्वती मंदिर के पास तक यह दीप जलाए जाएंगे। श्री राम जानकी मंदिर के पास चना प्रसाद का वितरण किया जाएगा। श्रद्धालु मंदिर परिसर में आकर सभी दीप जला सकते हैं या अपने घर से भी दीप जलाकर मंदिर परिसर में ला सकते हैं। दीप प्रज्वलित कार्यक्रम का संचालन युवा शक्ति एक संकल्प के द्वारा किया जा रहा है।


