भास्कर न्यूज | चित्तौड़गढ़ श्री सांवलियाजी राजकीय जिला अस्पताल से बुधवार आधी रात बाद एक गर्भवती महिला को अत्यंत गंभीर हालत में पहले उदयपुर व फिर अहमदाबाद रैफर करना पड़ा। उसे अति दुर्लभ ब्लड ग्रुप बॉम्बे ब्लड की जरूरत थी, जो राजस्थान व गुजरात में भी नहीं मिल पाया। मुंबई से फ्लाइट में ब्लड अहमदाबाद आया। समय पर ब्लड चढ़ने से महिला को जीवनदान मिल गया। इसमें स्थानीय संस्था एटीबीएफ के वालंटियर्स की अहम भूमिका रही। आचार्य तुलसी ब्लड फाउंडेशन के कॉर्डिनेटर ललित तेहल्यानी ने बताया कि रात करीब 3 बजे बेगूं निवासी 19 वर्ष की संगीता रैगर को इमरजेंसी में उदयपुर रैफर किया गया। जो 6 महीने की प्रेग्नेंसी के कारण काफी वेदना सह रही थी। गर्भ में ही बच्चे की मृत्यु होने से महिला के शरीर में केवल 2 प्वाइंट रक्त रह गया। स्थिति तब बेहद विकट हो गई, जब रक्त जांच में उसमें बॉम्बे ब्लड पाया गया जो अति दुर्लभतम ब्लड ग्रुप है। सूचना पर टीम एटीबीएफ सक्रिय हुई। चित्तौड़, उदयपुर सहित राजस्थान में इस ग्रुप का ब्लड नहीं मिला, पर संस्था ने हार नहीं मानी। टीम एटीबीएफ के मुकेश शर्मा और दिनेश वैष्णव तड़के 4 बजे कॉल उठाकर ब्लड की व्यवस्था में लग गए। महिला को अहमदाबाद रैफर किया गया। जहां मुकेश शर्मा और दिनेश वैष्णव की सहायता से बड़ौदा से इस ब्लड ग्रुप का एक डोनर रक्तदान करने पहुंचा। एक यूनिट ब्लड मुंबई से भी फ्लाइट में पहुंचा। ब्लड चढ़ने के बाद महिला फिलहाल सकुशल है। अस्पताल व एटीबीएफ के अनुसार जिले में इस ब्लड ग्रुप का केस संभवतया पहली बार आया। भास्कर नॉलेज : क्या होता है बॉम्बे ब्लड ग्रुप बॉम्बे ब्लड ग्रुप एक दुर्लभ रक्त समूह है। इसकी खोज 1952 में डॉ. वाईएम भेंडे ने बॉम्बे (अब मुंबई) में की थी। इस ब्लड ग्रुप को एचएच या ओएच रक्त समूह के नाम से भी जाना जाता है। यह ब्लड ग्रुप दुनियाभर में सिर्फ 0.0004 प्रतिशत आबादी में पाया जाता है। भारत में यह करीब 10 हजार में से एक व्यक्ति को होता है। बॉम्बे ब्लड ग्रुप से जुड़ी कुछ खास बातें {इसमें लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर A और B दोनों एंटीजन नहीं होते। {इस ब्लड ग्रुप के लोगों में शुगर मॉलिक्यूल्स नहीं बन पाते। इनके खून में मौजूद प्लाज्मा में एंटीबॉडी A, B, और H होती है। { इस ग्रुप के लोगों को किसी दूसरे ग्रुप का खून चढ़ाने से जान खतरे में पड़ सकती है। {यह ब्लड ग्रुप आनुवांशिक होता है और एक से दूसरी पीढ़ी में पहुंचता है। { सोर्स: टीम एटीबीएफ


