पुलिस प्रशासन के द्वारा हरिद्वार धर्म संसद को बलपूर्वक रोके जाने से हताश महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी महाराज ने जूना अखाड़े से सुप्रीम कोर्ट तक कि पदयात्रा करने का संकल्प लिया।
उन्होंने जूना अखाड़े में हुई पुलिस कार्यवाही को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि जूना अखाड़े के परिसर में हो रही धर्म संसद को रोकने का कोई अधिकार पुलिस और प्रशासन को नहीं था। हिंदु क्या ऐसे ही मारे जाते रहेंगे आगे कहा कि हम वहां बाग्लादेश पाकिस्तान और दुनिया के अन्य स्थानों पर मारे जा रहे हिन्दुओं का शोक मनाने के लिये तीन दिवसीय विश्व धर्म संसद का आयोजन कर रहे थे। हम धर्म संसद के माध्यम से अपने समाज की इस्लाम के जिहादियों से रक्षा की योजना बनाना चाहते थे। हम यह सब चर्चा इसीलिए भी करना चाहते हैं कि आज जो बांग्लादेश के हिन्दुओं का हाल है वो निकट भविष्य में हमार ना हो जाए।आखिर हमें भी आत्मरक्षा का अधिकार है। बयानों को देंगे चुनौती महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी का यह भी कहना है कि वो अपने बयानों को लेकर सुप्रीम कोर्ट को चुनोती देंगे। अगर इस्लाम, मोहम्मद और कुरान पर आजतक उनका कहा एक शब्द भी झूठ सिद्ध कर दे तो वो हंसकर फांसी चढ़ने के लिये तैयार हैं। लेकिन हिंदुओं पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं होंगे। इसके लिए चाहे कितनी ही बार जेल जाना पड़े। बुधवार को हरिद्वार में धर्म संसद रोकी गई यति नरसिंहानंद ने बुधवार को हरिद्वार में कहा कि पुलिस प्रशासन ने गुंडागर्दी दिखाते हुए पूरी ताकत लगाकर खत्म कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के नाम पर सरकार व प्रशासन ने हमसे गुंडागर्दी की है। परसों हम अपने यज्ञ की पूर्ण आहूति करने के बाद यहां चल देंगे। सुप्रीम कोर्ट तक पैदल जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट में अनशन कर करेंगे। वहां न्यायधीशों से पूछेंगे कि हमारी क्या गलती है। क्या इसलिए की आपका अहंकर संतुष्ट होता है। हम ऐसे ही मारे जाते रहें, हमारी ऐसे ही हत्या ही होती रहे। मैं सुप्रीम कोर्ट में आमरण अनशन करूंगा। या ता सुप्रीम कोर्ट मुझे जेल में भेजेगा, या मेरा कत्ल कराएगा, इसके लिए मैं तैयार हूं। हमारे सारे धैर्य की परिकाष्ठाएं पूरी हो चुकी है। मैं सुप्रीम कोर्ट को ही देखूंगा कि सुप्रीम कोर्ट के नाम पर यह गुंडागर्दी क्यों हो रही है।


