खाकी वाले सरजी! पढ़ाई छोड़ चुके 1055 युवाओं से पुलिस ने भरवाए फॉर्म, कोचिंग भी दी, 592 पास

भास्कर न्यूज | कवर्धा अपराध पर लगाम कसने के लिए सख्ती बरतने वाली पुलिस का एक चेहरा और भी है। युवाओं को पढ़ाई से जोड़ना। ग्रामीण आदिवासी युवा भटक न जाएं इसलिए छत्तीसगढ़ के एक जिले में पुलिस ने बीते 10 साल से एक मुहिम छेड़ रखी है। यह जिला है कबीरधाम, जहां पुलिस पढ़ाई छोड़ चुके युवाओं को दोबारा पढ़ाई के लिए न सिर्फ प्रेरित कर रही है बल्कि उनकी इस मुहिम ने युवाओं को बोर्ड कक्षाओं में सफल भी बनाया है। साल 2016 से लेकर साल 2024 तक पढ़ाई छोड़ चुके 10वीं और 12वीं के 1055 आदिवासी युवाओं ने बोर्ड की परीक्षा दी और इनमें से 592 सफल भी रहे। एक बार फिर साल 2025 के लिए 280 युवाओं ने परीक्षा फॉर्म जमा कर दिए हैं। दरअसल, अप्रैल 2017 में छत्तीसगढ़ पुलिस ने 25 पन्नों का एक माओवादी दस्तावेज़ बरामद किया। दस्तावेज़ से संकेत मिले कि सीपीआई (माओवादी) छत्तीसगढ़ की पश्चिमी सीमा पर एमएमसी नामक एक नया क्षेत्र बनाने का प्रयास कर रहा है। इस नए जोन के अंतर्गत कबीरधाम जिले के भोरमदेव अभयारण्य को मजबूत आधार क्षेत्र के रूप में विकसित किए जाने की जानकारी का खुलासा हुआ। माओवादियों की रणनीति थी कि कबीरधाम जिले में नए कैडर की भर्ती करके वे अपना संगठन मजबूत करें। लेकिन पुलिस भी अपना काम शुरू कर चुकी थी। पुलिस ने युवाओं को जोड़ने के लिए जो मजबूत कदम उठाए, उसका ही परिणाम है कि आज तक कबीरधाम जिले के एक भी युवा को माओवादी अपने साथ जोड़ नहीं पाए। इतना ही नहीं अब कबीरधाम जिले में नक्सलियों का अभियान अंतिम सांसे गिन रहा है। इस मुहिम की शुरुआत आईपीएस राहुल भगत, डी. रविशंकर, डॉ. लाल उमेद सिंह ने की, जिसे शलभ सिन्हा, मोहित गर्ग, केएल ध्रुव, डॉ. अभिषेक पल्लव, धर्मेन्द सिंह छवई ने आगे बढ़ाया, जो लगातार जारी है। (वर्ष 2025 में 280 परीक्षार्थियों से परीक्षा फॉर्म जमा कराया गया है।) वर्ष कुल परीक्षार्थी कुल उत्तीर्ण {2016 35 23 {2017 70 32 {2018 85 35 {2019 110 42 {2020 65 65 {2021 70 70 {2022 150 65 {2023 220 120 {2024 250 140 कुल 1055 592 400 खेल समिति के जरिए भी युवाओं को जोड़ रहे: घनाराम सिन्हा, अभिजीत ठाकुर, कृपाराम मरावी बताते हैं कि पुलिस ने युवाओं को जोड़ने के लिए 400 ग्राम खेल समिति भी बनाई। पुलिस हर साल इस समिति के जरिए टूर्नामेंट करती है। युवा कबड्डी, क्रिकेट, सांस्कृतिक कार्यक्रम, फुटबॉल, वालीबॉल में हिस्सा लेते हैं। गांव में जो भी कमी-बेशी होती है, उसकी जानकारी भी युवा पुलिस के जरिए सामने रखते हैं। समाधान भी करते हैं। पुलिस ने 10वीं-12वीं के इन छात्रों के लिए 5 अस्थाई कोचिंग भी शुरू की। थाना झलमला के अंजना व समनापुर गांव, थाना तरेगांव के बोदा 3 और थाना चिल्फी अंतर्गत शंभूपीपर व बोक्करखार में इसे शुरू किया। यहां अच्छे एक्पसर्ट शिक्षक रखे गए। इसके अलावा 9 सुदूर गांवों में जहां प्राइमरी स्कूल बंद हुए। ऐसे में स्कूल जंगल में दूर होने के कारण बच्चे पढ़ाई छोड़ने लगे। वहां अस्थाई स्कूल भी पुलिस ने शुरू किए। इन स्कूलों में सौरू व बंदूककुंदा, पंडरीपथरा, बीजाढाप, तेंदूपड़ाव, बगईपहाड़, मांदीभांठा, झुरगीदादर, सुरुतिया शामिल हैं।

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