सिरमटोली फ्लाईओवर रैंप विवाद:बैरिकेडिंग तोड़ी, कहा-सरना स्थल की बाउंड्री तक रैंप हटाएं

सरना स्थल के पास फिर प्रदर्शन और नारेबाजी, मजिस्ट्रेट व 300 से ज्यादा जवानों की तैनाती राजधानी के सिरमटोली फ्लाईओवर के रैंप निर्माण का विवाद थम नहीं रहा है। इस मुद्दे पर केंद्रीय सरना स्थल सिरमटोली बचाओ मोर्चा के बैनर तले रविवार को फिर आदिवासी समाज के लोग फ्लाईओवर के पास पहुंचे। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि अभी अस्थाई हल निकाला गया है। उनकी एक ही मांग है कि रैंप को स्थाई तौर पर हटाया जाए।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने फ्लाईओवर से पहले मुंडा चौक और सरना स्थल के बीच दो जगह तीन-तीन लेयर की बैरिकेडिंग कर रखी थी। रविवार दोपहर तीन बजे करीब 200 लोग प्रदर्शन करने पहुंचे। उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ दी। पुलिस को धक्का देते हुए फ्लाईओवर के पास पहुंच गए। सरना स्थल के सामने शाम पांच बजे तक सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वे लोग रैंप को हटाने की मांग कर रहे थे। उधर, विरोध प्रदर्शन को देखते हुए फ्लाईओवर के पास एसडीएम उत्कर्ष कुमार, सिटी एसपी राजकुमार मेहता, तीन डीएसपी, चार थाने के प्रभारी, रैफ, जैप और पुलिस के करीब 300 जवान तैनात थे। पांच अप्रैल को राज्यस्तरीय आंदोलन पर होगा फैसला
मोर्चा की अगुआई कर रहीं रानी कुंदशों मुंडा ने कहा-अभी सिर्फ सरना स्थल के मुख्य गेट के सामने से हटाया गया है। इसका स्थाई समाधान किया जाए। सरना स्थल की बाउंड्री तक रैंप को हटाया जाए। अभी रैंप को जितना हटाया गया है, वह अस्थाई समाधान है। आदिवासी समाज के लोग यह स्वीकार नहीं करेंगे। सरहुल के बाद पांच अप्रैल को बैठक होगी। इसमें राज्यस्तरीय आंदोलन चलाने का फैसला लिया जाएगा। केंद्रीय सरना समिति की अपील शोभायात्रा में पुरुष धोती-गंजी-कुर्ता व महिलाएं लाल पाड़ साड़ी में आएं:तिर्की केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने लोगों से अपील की कि वे शोभायात्रा में पारंपरिक वेशभूषा में आएं। पुरुष धोती-गंजी-कुर्ता और महिलाएं लाल पाड़ साड़ी पहनें। पारंपरिक वाद्ययंत्र ढाक-नगाड़ा और मांदर पर नृत्य करें। डीजे और अमर्यादित गाना न बजाएं। बच्चों की जेब में नाम-पता और मोबाइल नंबर रखें। शोभायात्रा में नशापान न करें। अपने गांव और समिति का बैनर लेकर आएं। शोभायात्रा में जुलूस का नामांकन और मोबाइल नंबर मंच पर दर्ज कराएं। अपने खोंडहा दल में किसी दूसरे या अनजान युवक-युवतियों को नृत्य में शामिल न करें।

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