भास्कर न्यूज | अमृतसर सिटी में ई-रिक्शा चालकों की ओर से सैलानियों और शहर निवासियों को बैठाकर सुनसान जगह पर ले जाकर लूट की घटनाओं को अंजाम देने के बढ़ते मामलों को देखते हुए एडीसीपी ट्रैफिक हरपाल सिंह ने एक नया कदम उठाया है। जिसमें उन्होंने अब ऑटो व ई-रिक्शा चालकों के लिए एक नया नियम निकालते हुए छह अप्रैल के बाद सभी चालकों को वर्दी के साथ-साथ नेम प्लेट और आईडी लगाने के निर्देश दे दिए हैं। यह ऑटो व ई-रिक्शा के यूनियनों के साथ बैठक कर एडीसीपी ने निर्णय लिया है। इसके अलावा उन्होंने, जिन्हं ई-रिक्शा वालों ने यूनिक टैग नंबर अभी तक नहीं लगवाया है, ट्रैफिक दफ्तर से लगवाने के लिए कहा गया है। छह अपर्ैल के बाद अगर कोई भी चालक नियमों की उल्लघंन करता है तो उसके खिलाफ चालान की कार्रवाई होगी। एडीसीपी हरपाल ने कहा कि कुछ शरारती तत्तव रिक्शा किराय पर लेकर अपराध कर रहे हैं। उनपर नकेल डालने के लिए यूनियनों के साथ बैठक कर नया प्लान बनाया है। इसके बाद शहर में कोई ई-रिक्शा या ऑटो चालक किसी सवारी से अपराध नहीं कर पाएगा। जिले से बाहर के चालकों को ई-रिक्शा शहर में लाने पर पाबंदी लगाई गई है। यह गुरू नगरी है, यहा टूरिस्ट आते हैं और शहर निवासी व सैलानियों की सुरक्षा करना उनकी जिम्मेवारी है। चालक अपने खुद के पैसों से वर्दी और बाकी के फॉर्मेलिटस को पूरा करेंगे। इसके साथ रिक्शा में बैठने वाले सवारियों को चालकों का नाम, पहचान पत्र के बारे में पता होगा। गोर हो कि वर्ष 2023 के अंतिम 3 महीने में ई-रिक्शा चालकों ने सैलानियों से कई लूट की वारदात को अंजाम दिया था। यह घटना फरवरी 2024 तक बढ़ गई थी । जिसके बाद दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से लूट की वारदातों का जिक्र कर उस वक्त रहे ट्रोसपोर्ट मंत्री लालजीत भुल्लर से बात करके खबर लगाते हुए उनके सामने क्राइम को लाया गया, जिसके बाद मंत्री ने पुलिस कमिश्नर से मीटिंग कर ई-रिक्शा पर यूनिक टैग नंबर लगाने को लेकर मीटिंग हुई। पुलिस ने 20 हजार से अधिक ऑटो और ई-रिक्शाओं पर यूनिक टैग नंबर लगा चुके हैं। लेकिन वर्ष 2025 में ई-रिक्शा चालकों की ओर से दोबारा लूट की घटनाएं होनी शुरू हो गई। इस 3 महीने में 5 लूट की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं और पुलिस ने सभी आरोपियों को काबू भी किया है। वहीं दो साल की बात करते तो कुल 21 मामले सामने आए हैं। जिस तरह सिटी में 25 हजार से अधिक ऑटो और ई-रिक्शा चल रही है। वहीं ट्रैफिक पुलिस के लिए भी यह चुनौती है। लेकिन एडीसीपी ट्रैफिक का साफ-साफ चालकों से अपील है कि उनके पास समय है और वह अभी से तैयारी करना शुरू कर दें।


