बिलासपुर में नवरात्र पर्व के पहले दिन रविवार को देवी मां की भक्ति के साथ ही हिंदू नववर्ष की धूम मची रही। पूरा शहर राममय भगवा रंग में छा गया। पुलिस ग्राउंड से निकली शोभायात्रा में भगवाधारी महिलाएं रामधुन पर थिरकती रहीं। वहीं, युवक जय श्रीराम के जयकारे लगाते रहे। आकर्षक झांकियों के साथ शिव-पार्वती नंदी पर सवार होकर निकले तो भगवान श्रीराम की विशालकाय प्रतिमा और भगवान गणेश शिव भक्ति में थिरकते नजर आए। हिंदू नववर्ष पर शहर के हर गली, चौक चौराहों पर केसरिया झंडे, तोरण से माहौल भक्तिमय हो गया। आकर्षक झांकियों में भगवान श्रीराम आगे-आगे चलते रहे। वहीं उनके भक्त हनुमान भी इस नजारे को देखकर श्रीराम की भक्ति में झूमते नजर आए। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत हुआ। शहरवासी उमंग और उत्साह में सराबोर दिखे। शोभायात्रा में सजी 30 झांकियां अद्भुत दृश्य पेश कर रही थीं- विशाल श्रीराम प्रतिमा, जीवंत झांकियां, कर्मा-पंथी नृत्य दल और चलित भजन मंडलियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। मुख्य मार्गों पर सिर उठाने तक की जगह नहीं थी, छतों से फूलों की वर्षा हो रही थी और पूरा शहर राममय हो उठा। सुबह से ही भक्ति में डूबे नजर आए भक्त शनिवार शाम से ही शहर भगवामय हो गया। रविवार सुबह लोगों की नींद खुली, तो घर के बाहर गली-मोहल्लों में भगवा ध्वज लहराते नजर आए। हर घर में देवी आराधना होती रही। देवी मंदिरों में घटस्थापना के दौरान लोग पूजा पाठ में लीन रहे। वहीं, दोपहर बाद चिलचिलाती धूप में ही शहर के लोग बाजे-गाजे के साथ हाथ में भगवा ध्वज लहराते जय श्रीराम के नारे लगाते पुलिस ग्राउंड के लिए निकल पड़े। हर मोहल्ले से डीजे लेकर पहुंचे पदाधिकारी-कार्यकर्ता पुलिस ग्राउंड में शाम 4.30 बजे जब शोभायात्रा शुरू हुई, तब वहां शहर के हर मोहल्ले से पदाधिकारी-कार्यकर्ता डीजे और भजन-कीर्तन मंडली के साथ ढोल-तासे लेकर पहुंचे थे। पुलिस ग्राउंड में भी चारों तरफ भगवाधारी और ध्वज नजर आ रहे थे। शोभायात्रा में भगवान श्रीराम की आकर्षक झांकी के साथ ही रामभक्त हनुमान भी नजर आ रहे थे। ऐसा लग रहा था कि पूरा शहर उत्सव मनाते नजर आ रहा है। पुलिस ग्राउंड से शोभायात्रा सत्यम चौक, पुराना बस स्टैंड होते हुए शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर निकली। तब शहर के हर चौक-चौराहे भक्तिमय माहौल से सराबोर हो गए। लोगों ने छत से बरसाए फूल इस दौरान पूरा शहर आस्था के रंग में डूब गया। सत्यम चौक पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने जय श्रीराम के उद्घोष से माहौल गुंजायमान कर दिया। अग्रसेन चौक पर और फिर सीएमडी चौक तक भीड़ भी बढ़ती चली गई। भजन मंडलियों ने वातावरण को भक्तिमय कर दिया। तारबाहर चौक से शिव टॉकीज चौक तक बग्घियों में सजी जीवंत झांकियां लोगों को मोहित कर रही थीं। छतों से फूलों की बारिश होने लगी। गांधी चौक पहुंचते ही शोभायात्रा ने भव्यता की नई ऊंचाई छू ली- गूंजते शंखनाद, ढोल-नगाड़ों की ध्वनि और भगवा ध्वजों की कतारों ने मन को रोमांच से भर दिया। जूना बिलासपुर, गोलबाजार और सदर बाजार में उमड़ा अपार जनसैलाब हर ओर धर्म की गूंज बिखेर रहा था। सिम्स चौक से देवकीनंदन चौक तक का मार्ग भक्तों के उल्लास से सराबोर हो चुका था। अंततः जब शोभायात्रा तिलक नगर हनुमान मंदिर पहुंची, तो भक्ति और उल्लास चरम पर था। जयकारों के बीच मंदिर प्रांगण में विशाल भोग-भंडारे के साथ इस दिव्य आयोजन का समापन हुआ। भजनों पर झूमे श्रद्धालु तखतपुर की प्रसिद्ध रामधुन मंडली ने अपनी मधुर प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय बना दिया, जबकि तीन धुमाल पार्टियां और राज बैंड पार्टी के जोशीले प्रदर्शन ने यात्रा में ऊर्जा भर दी। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ी संस्कृति को दर्शाने के लिए पंथी और कर्मा नृत्य दलों की प्रस्तुतियां भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गईं। भजन मंडलियों से सजे चार वाहन पूरे मार्ग में भक्तिरस बिखेरते रहे, जिससे यात्रा का हर क्षण भक्ति, जोश और उल्लास से सराबोर हो गया। मेयर पूजा व पूर्व महापौर किशोर राय ने बरसाए फूल जैसे ही शोभायात्रा अपने भव्य स्वरूप में गोलबाजार पहुंची, पूरा इलाका आस्था और उल्लास से सराबोर हो गया। यहां महापौर पूजा विधानी, पूर्व महापौर किशोर राय समेत अन्य गणमान्य लोग पहले से ही स्वागत के लिए तत्पर खड़े थे। उनके साथ गोलबाजार के व्यापारियों का समूह भी श्रद्धा और जोश से भरा हुआ था। जैसे ही यात्रा का मुख्य रथ और भगवान श्रीराम की विशाल प्रतिमा पास आई, गणमान्यजन और व्यापारियों ने दोनों हाथों से पुष्पवर्षा शुरू कर दी। केसरिया गुलाब और गेंदा के फूलों की बौछार से पूरा मार्ग सुनहरी आभा से चमक उठा। नंदी पर शिव-पार्वती, भव्य दिखे श्रीराम शोभायात्रा में आस्था और वीरता का ऐसा संगम दिखा, जो हर किसी के मन में भक्ति और गौरव का भाव जगा गया। यात्रा की शान बनी भगवान श्रीराम की विशाल प्रतिमा, जिसे देखकर श्रद्धालुओं का जोश चरम पर था। भगवा ध्वजों की लहराती कतारों के बीच जब यात्रा में श्रीराम की भव्य प्रतिमा नजर आई, तो जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा शहर गूंज उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो अयोध्या स्वयं इस शोभायात्रा का हिस्सा बन गई हो। शिव-पार्वती की झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही, जहां भगवान शिव व माता पार्वती नंदी पर विराजमान थे। इस दिव्य झांकी के दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं के मन में भक्तिभाव उमड़ पड़ा। भक्तों ने पुष्पवर्षा कर इस अद्भुत दृश्य का स्वागत किया। धार्मिक आस्था को और प्रबल करती शिव-पार्वती, नवदुर्गा और माता सीता की झांकियों के साथ-साथ वीरता का भी अद्भुत प्रदर्शन हुआ। महारानी लक्ष्मीबाई और रानी दुर्गावती की जीवंत झांकियां देखकर लोग इतिहास की गौरवगाथा में डूब गए।


