कोंडागांव में सूरजमुखी की खेती से किसानों की जिंदगी में नई रोशनी आई है। प्रदान संस्था ने जिले के 8 गांवों में 250 किसानों के साथ मिलकर 200 एकड़ में सूरजमुखी की खेती शुरू की है। किसानों को 20 डिसमिल से लेकर 2 एकड़ तक की जमीन में खेती का मौका मिला है। ग्राम बावड़ी की बायको और अनीता मरकाम ने 2 एकड़ में पहली बार सूरजमुखी बोई है। वहीं, ग्राम बेतबेडा और पुषपाल में प्रवति, आसमती, मंगल और सुकमन 1-1 एकड़ में खेती कर रहे हैं। जलवायु परिवर्तन से पैदा हुए जल संकट के बीच सूरजमुखी एक बेहतर विकल्प साबित हो रही है। यह फसल कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती है। प्रति एकड़ 5-6 क्विंटल बीज की उपज मिल रही है। इससे करीब 200 लीटर तेल निकाला जा सकता है। किसानों को प्रति एकड़ 20,000 रुपए तक की अतिरिक्त आय हो रही है। इस पहल में चिचपोलंग, पुषपाल, मटवाल, बावड़ी, बेतबेडा, बनउसरी, मोहलाई और सिलाटी के किसान शामिल हैं। महिला किसान अब खुद तेल निकालने का काम भी कर रही हैं। इसके लिए 6 गांवों में तेल निकालने की मशीनें लगाई गई हैं। सूरजमुखी की खेती से न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ी है, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी हो रहे हैं।


