भालू का शावक 6 दिन बाद अपनी मां से मिला:कूद कर दौड़ता हुआ गया-पीठ पर चढ़ा, स्कूली बच्चों को मिला था शावक

कोटा में शंभूपुरा गांव में स्कूल के बच्चों को 24 मार्च के दिन झाड़ियों में मिला भालू का शावक रविवार को 6 दिन बाद अपनी मां से मिला। इस दौरान शावक दौड़ता हुआ गया और मां की पीठ पर चढ़ गया। वन विभाग की टीम ने लगातार तलाश कर शावक को उसकी मां से मिलवाया। जिस गांव में भालू का शावक मिला था उस गांव से 10 किलोमीटर आगे शोपुरिया गांव में मादा भालू के मूवमेंट की सूचना मिली। वन विभाग की टीम रविवार रात 8 बजे शोपुरिया गांव पहुंची। शिव मंदिर के पास गुफा में मादा भालू बैठी हुई थी। वन विभाग की टीम ने जैसे ही भालू के शावक का बॉक्स नीचे रखा, शावक उसमें से कूद कर दौड़ता हुआ सीधा अपनी मां के पास चला गया। मंदिर के पुजारी ने दी भालू की सूचना
फोरेस्टर बुद्धाराम जाट ने बताया कि डीएफओ अनुराग भटनागर के निर्देशन में 6 दिनों से लगातार हमारी टीम शंभूपुरा और उसके आसपास के इलाकों में मादा भालू को ढूंढने का सर्चिंग अभियान जारी था। शंभूपुरा से 10 किलोमीटर दूर शोपुरिया गांव में शिव मंदिर के पुजारी ने बताया कि यहां पर एक भालू है जो कि पिछले दो-तीन साल से रह रही है। यह मादा भालू हर साल यही बच्चे देती है। यहां पर एक गुफा बनी हुई है और काफी दिनों से इसका एक बच्चा नजर नहीं आ रहा। 30 मिनट तक घूमती रही मादा भालू
टीम जैसे ही भालू के शावक को शोपुरिया गांव के शिव मंदिर लेकर पहुंची शावक के बॉक्स को नीचे जमीन पर रखते ही शावक उसमें से कूद दौड़ता हुआ मादा भालू के पास पहुंचा। मादा भालू ने कुछ सेकेंड तक शावक को एनालाइज़ किया और फिर शावक मादा भालू की पीठ पर बैठ गया। मादा भालू तकरीबन 30 मिनट तक वहीं पर घूमती रही और उसके बाद चली गई। फोरेस्टर जाट ने बताया कि ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि मादा भालू खाने की तलाश में शंभूपुरा गांव की तरफ चली गई थी और आते समय उसका बच्चा उससे बिछड़ गया था। मंदिर के पास गुफा में पिछले दो-तीन साल से रह रही मादा भालू
शिव मंदिर के पुजारी ने बताया कि यह भालू मंदिर के आसपास पिछले दो से तीन सालों से रह रही है। यहीं पर एक गुफा बनी हुई है यहा अपने बच्चे देती है। मुझे जैसे ही यह भालू नजर आई इसके पीठ पर एक ही बच्चा था, जबकि इसने दो बच्चे दिए हुए थे। मैंने तुरंत वन विभाग में इसकी सूचना दी टीम मौके पर पहुंची और भालू के शावक को उसकी मां से मिलवा दिया। यह भालू काफी दिनों से अपने बच्चों को लेकर परेशान हो रही थी।
वन विभाग टीम में फोरेस्टर बुद्धाराम चौधरी, सहायक वनपाल मनोज कुमार, सत्यनारायण वनरक्षक, धनराज और वन्यजीव प्रेमी बनवारी, उर्वशी मौजूद रहे। इन 4 फोटोज में देखिए कैसे शावक को मादा भालू से मिलवाया गया… यह खबर भी पढ़े… 1. भालू के शावक की आवाज रिकॉर्ड कर जंगल में सुनाया:उसकी मां (मादा भालू) की तलाश के लिए वन विभाग का प्लान, बच्चों को झाड़ियों में मिला था कोटा के शंभूपुरा इलाके में झाड़ियों में मिले मादा भालू के शावक की मां का मूवमेंट 4 दिनों के बाद भी नहीं मिला है। वन विभाग की टीम दिन-रात मादा भालू की तलाश में लगी है। शंभूपुरा इलाके में कई किमी तक वन विभाग सर्च कर चुका है। वन विभाग की टीम ने शावक को मादा भालू से मिलाने के लिए कई तरह के प्रयास किए। अब विभाग की ओर से भालू के शावक की आवाज रिकॉर्ड कर जंगल साउंड के जरिए सुनाया जा रहा है। वहीं पिंजरे में शावक को रखा गया है।​​​​​​​ ( पढ़ें पूरी खबर ) 2. भालू के बच्चे को मां से मिलाने का प्लान:पहले गत्ते में रखा था तो नहीं आई, अब पिंजरे में रखकर तैयारी शुरू​​​​​​​ झाड़ियों में मिले भालू के शावक की मां का मूवमेंट दूसरे दिन भी नहीं मिला। विभाग की टीम ने रात को शोपुरिया से शंभूपुरा 10 किमी तक सर्च किया। इस दौरान शावक को गत्ते के कार्टन में रखकर मादा शावक के आने का इंतजार किया। लेकिन मादा शावक नहीं आई। जिसके बाद टीम शावक को वापस अभेड़ा पार्क में ले आई। अब शावक को मां से मिलाने के लिए दूसरे प्लान की तैयारी की जा रही है। ​​​​​​​( पढ़ें पूरी खबर )​​​​​​​

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *