विधानसभा प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत है, लेकिन यहां अफसर ही विधायकों के सवालों के गलत या अधूरी जानकारी दे रहे हैं। इसके चलते मंत्रियों की किरकिरी हो रही है। गुरुवार को ही प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण पर चर्चा के दौरान सत्तापक्ष व विपक्ष दोनों के विधायकों ने सदन में गलत जवाब देने पर मंत्री-अफसरों के साथ मंत्रियों को भी आड़े हाथ लिया। पिछले दो दिन में पूर्व मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ विधायक भूपेंद्र सिंह, विपक्ष से जयवर्धन सिंह, बाला बच्चन, लखन घनघोरिया समेत कई विधायक सदन में असत्य जानकारी दिए जाने का मुद्दा उठा चुके हैं। गुरुवार को 6 विधायकों ने गलत जानकारी पेश करने पर आपत्ति दर्ज कराई। उज्जैन मास्टर प्लान पर भाजपा विधायक ने ही कहा- मंत्री भ्रमित जवाब दे रहे हैं भाजपा विधायक सतीश मालवीय ने उज्जैन के मास्टर प्लान-2035 से जुड़े गंभीर मुद्दे को उठाया। आरोप लगाया कि मास्टर प्लान के लागू होने से पहले कमेड़ गांव में किसी विशेष व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए टीएंडसीपी के अधिकारियों ने व्यावसायिक निर्माण की मंजूरी दी। यह अनुमति मास्टर प्लान के नियमों का उल्लंघन है। मंत्री का जवाब : नगरीय विकास व आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मास्टर प्लान के तहत वाणिज्यिक उपयोग की मंजूरी नियमानुसार दी गई है। भोपाल स्तर पर शिकायत दर्ज नहीं हुई। विधायक की आपत्ति : मालवीय ने कहा कि वरिष्ठ मंत्री से ऐसी उम्मीद नहीं थी कि भ्रमित जवाब सदन में देंगे। मास्टर प्लान के अनुसार, जमीन यातायात और परिवहन विभाग के लिए आरक्षित थी। इसे वाणिज्यिक मंजूरी देना अनियमितता का प्रमाण है। अंत में मंत्री ने कहा कि विधायक चाहते हैं तो भोपाल से टीएंडसीपी डायरेक्टर को जांच के लिए भेजने को तैयार हैं। मंत्री ने कहा कि अगर गलती पाई गई, तो अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। सिंहस्थ की जमीन में हेराफेरी हो रही… भाजपा विधायक डॉ. चिंतामण मालवीय ने कहा कि सिंहस्थ क्षेत्र की जमीनों में हेराफेरी हो रही है। यह पूरे सदन और सरकार की चिंता का विषय है। सिंहस्थ का रकबा कम किया जा रहा है। दतिया हादसा : 7 मौतें, मंत्री बोले- यह एक्सीडेंट… किसी की लापरवाही नहीं कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती ने दतिया में 400 साल पुरानी परकोटे की दीवार गिरने से 7 लोगों की मौत का मामला उठाया। पूछा कि लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है, क्या जांच कराई गई है? जवाब : मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि दीवार जर्जर थी। इसे तोड़कर रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव नगर पालिका का था। इसमें 318 मकानों को तोड़ा गया व 496 प्रभावित परिवारों को चितुवा गांव में विस्थापित किया गया। दीवार तेज बारिश और स्थानीय लोगों के ईंट-मिट्टी खोदने के कारण कमजोर हो गई थी। विजयवर्गीय ने इसे ‘एक्सीडेंट’ करार देते हुए कहा कि इस मामले में किसी की लापरवाही नहीं थी। इसलिए जांच की जरूरत नहीं है। विधायक की आपत्ति : भारती ने मंत्री के जवाब को असत्य और गुमराह करने वाला बताया। कहा, ‘जब आपने कहा कि कोई जांच नहीं हुई, तो यह कैसे तय कर लिया कि हादसा बारिश या स्थानीय लोगों की वजह से हुआ?’ मंत्री ने फिर कहा कि जांच हुई। यही निष्कर्ष निकला कि दीवार को लोगों ने कमजोर किया था। सागर में कार्रवाई हुई, दतिया में क्यों नहीं?… भारती ने पूछा कि सागर में मकान गिरने से 9 बच्चों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में जर्जर इमारतों को तोड़ने के आदेश जारी हुए। दतिया में कार्रवाई क्यों नहीं हुई? मंत्री बोले- यह दुर्घटना थी। भिंड : मंत्री बोले- मनमानी बिजली कटौती की बात गलत, भाजपा विधायक ही भड़के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत भिंड से भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने अपने क्षेत्र में बिजली कटौती व पुराने ट्रांसफॉर्मर नहीं बदले जाने का मुद्दा उठाया। सदन को बताया कि भिंड में शहरी और ग्रामीण फीडरों का विभाजन नहीं हुआ है। मंत्री का जवाब : ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन तोमर की अनुपस्थिति में जवाब देते हुए मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा, ‘भिंड में आकस्मिक अवरोध को छोड़कर कोई बिजली कटौती नहीं की जा रही है। खेती के लिए 10 घंटे और गैर-खेती कार्यों के लिए 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली दी जा रही है। मनमानी कटौती की बात सही नहीं है। विधायक की आपत्ति : कुशवाह ने कहा कि सच्चाई छिपाने के लिए मंत्री ने पूरी रामायण पढ़ दी। मंत्री पूरे सदन को गुमराह कर रहे हैं। बिजली मिल ही नहीं रही। 2023 में भिंड में 56 ट्रांसफॉर्मर मंजूर हुए थे, जो रखे हैं। सिर्फ 14 लगाए हैं, 40 किमी नई लाइन बिछनी है, सिर्फ 4 किमी बिछाई है। एक साल हो गया। हड़ताल हो रही है, धरना दिया जा रहा है। गलत जानकारी देने वाले अफसर को सस्पेंड करिए। अन्य विधायकों का समर्थन… कुशवाह के बयान के बाद खुरई से भाजपा विधायक भूपेंद्र सिंह ने समर्थन करते हुए कहा, ‘वरिष्ठ विधायक ने तथ्यों के साथ अपनी बात रखी है। आसंदी को संज्ञान लेकर दोषी अफसरों को निलंबित करना चाहिए। जिस विधायक ने सवाल लगाया… हत्या मामले में मंत्री ने उन्हीं पर बता दिया केस सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा ने सदन में ध्यानाकर्षण के जरिए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। मिश्रा ने कहा कि 11 नवंबर को अजय केवट की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। केवट ने अपनी जान को खतरा बताते हुए 4 बार नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी, पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप लगाया कि थाने में शिकायत करने गए केवट से टीआई ने कैमरे के सामने कहा, ‘जब मर जाना, तब आना, अभी क्या करें।’ मिश्रा ने कहा कि आरोपी ने केवट की पत्नी को 1 लाख कैश देकर समझौता करने का दबाव बनाया। पीड़ित परिवार ने इसकी शिकायत थाने में की तो पुलिस ने आरोपियों को बुलाकर पैसे वापस करा दिए। गृह राज्यमंत्री का जवाब : गृह राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि विधायक के पत्र के आधार पर आरोपी को जांच से पृथक किया गया है। सेमरिया में विधायक के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है। इससे गुस्साए मिश्रा ने कहा कि यह क्या कलयुग है? क्या गलत जानकारी दी जा रही है। एक साल से सिरमौर नहीं गया हूं। फिर मंत्री की सफाई… मंत्री बोले- सिरमौर गलती से टाइप हो गया। सेमरिया का केस है। एसआईटी बनाकर मामले की जांच कराई जा रही है। आप संतुष्ट नहीं होंगे तो फिर जांच करा लेंगे। विधायक ने कहा कि मैं संतुष्ट होता तो ध्यानाकर्षण क्यों लगाता।


