इटावा में हत्या के मामले में पिता पुत्र को आजीवन कारावास और न्यायालय ने दोनों पर 25, 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। अपर जिला एंव सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट द्वितीय दिनेश गौड ने हत्या के 6 साल पुराने मामले की सुनवाई करते हुए सजा सुनाई है। दो आरोपियों को संदेह का लाभ मिला, जिनको बरी किया गया। हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर न्यायालय ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट ने उन पर 25, 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें 6 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा। इसके अलावा न्यायालय ने दो अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। भरथना थाना क्षेत्र के गांव चंदेठी निवासी धरमवीर सिंह पुत्र लाखन सिंह ने सैंफई थाने मंर दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि उसकी बहन पूजा की शादी सैंफई थाना क्षेत्र के गांव नगला आछे लाल में हुई थी।पूजा के पति ललित यादव की मौत हो जाने के कारण उसके पिता लाखन सिह उनकी देखरेख के लिए उनके पास रहने लगे थ। ये था मामला
इस कारण से कुछ लोग रंजिश मानने लगे थे। 29 जून 2018 वह भी उनके पास गया था। शाम करीब छह बजे उसके पिता लाखन सिंह शौच क्रिया के लिए खेतों पर गए थे। वह हुकुम सिंह के खाली पडे खेत में चले गए तभी बाइकों पर सवार होकर रामवीर पुत्र अजब सिंह उनका पुत्र अवधेश निवासी झिंगू पुरा अपने साथी संजीव निवासी नगला बलुआ व सुखवीर निवासी नगला धानी के साथ तमंचा व धारदार हथियार लेकर आए और उसके पिता को पकड़ लिया। उन लोगों ने कहा कि तू अपनी बेटी की ज्यादा मदद करता है और मारपीट शुरू कर दी। बाद में उक्त लोगों ने उसके पिता लाखन सिंह को गोली मार दी। उसके शोर मचाने पर गांव के लोग दौडे तो वह जानमाल की धमकी देते हुए भाग गए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रामबीर, अवधेश, संजीव व सुखवीर के खिलाफ हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया। बाद में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। छानवीन के बाद पुलिस ने चारों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में पेश कर दिए।अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी के द्वारा पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने अवधेश व राम वीर को दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जबकि संजीव व सुखवीर को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।


