हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी बज रहे कानफोड़ू DJ:बिलासपुर हादसे पर पुलिस बोली-DJ की आवाज कारण नहीं, वकील बोले- आरोपियों को बचाने षडयंत्र

बिलासपुर में हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद भी तेज आवाज में DJ बज रहे हैं। नववर्ष पर शोभायात्रा के दौरान मल्हार में हुए हादसे में बच्चे की मौत और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगा है। पुलिस ने जहां मेटाडोर के मकान से टकराने से छज्जा गिरने का जिक्र किया है। वहीं, वकीलों ने कहा कि आरोपियों को बचाने पुलिस का यह षडयंत्र है। अगर वाहन में रखे DJ के सामान के टकराने से मकान का छज्जा गिरा और हादसा हुआ तो उसका जिम्मेदार गाड़ी चलाने वाला ड्राइवर है। जाहिर है कि पुलिस की इस FIR का फायदा DJ संचालक और आयोजकों को मिलेगा। DJ की तेज आवाज से छज्जा गिरने से 10 लोग घायल हुए थे दरअसल, रविवार को मल्हार के केंवटपारा में DJ की तेज आवाज से छज्जा गिरने से 4 बच्चे समेत 10 लोग घायल हो गए। इनमें एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने डीजे संचालक, ड्राइवर और आयोजनकर्ताओं के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। वहीं, DJ संचालक और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि, आयोजनकर्ता में 4 नामजद है, जो घटना के बाद से फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस बोली- बॉक्स टकराने से गिरा छज्जा मामले में FIR तो किया गया, लेकिन कारण वह नहीं बताया कि किस वजह से छज्जा गिरा। वहीं एडिशनल एसपी उदयन बेहार ने कहा कि वाहन में लगे बॉक्स के टकराने से छज्जा गिरा है। उन्होंने कहा कि वाहन के पीछे लोग चल रहे थे। बॉक्स के टकराने से छज्जा गिरा, जिसका मलबा गिरने से बच्चे सहित अन्य लोग घायल हो गए। संचालक और आयोजनकर्ताओं को आरोपी बनाना प्रमाण हाईकोर्ट के एडवोकेट विनय दुबे का कहना है कि अगर वाहन में रखे DJ के सामान के टकराने से मकान का छज्जा गिरा और हादसा हुआ तो उसका जिम्मेदार गाड़ी चलाने वाला ड्राइवर है। उसे ही आरोपी बनाया जाता। संचालक और आयोजनकर्ताओं को भी आरोपी बनाया गया है। यह इस बात का प्रमाण है कि डीजे की कानफोड़ू आवाज से ही छज्जा गिरा है। पुलिस कार्रवाई करना चाह रही है। लेकिन, हाईकोर्ट के आदेश के बाद DJ के तेज आवाज को कारण बताने से बच रही है। आरोपियों को बचाने पुलिस का षडयंत्र, कोर्ट में मिलेगा लाभ वहीं, हाईकोर्ट के क्रिमिनल केस के जानकार एडवोकेट समीर सिंह का कहना है कि जिस तरह से पुलिस ने हादसे का कारण बताया है, उसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की है। इसमें पुलिस की बदनीयती झलक रही है। यह या तो आरोपियों को बचाने पुलिस का षडयंत्र है या फिर दबाव में की गई FIR है। कोर्ट में ट्रायल के दौरान आरोपियों को इसका लाभ मिलेगा। जिससे आरोपी आसानी से बच जाएंगे। हाईकोर्ट ने कानफोड़ू DJ पर प्रतिबंध लगाने सख्त आदेश दिया है। लेकिन, केस में पुलिस यह बताने का प्रयास कर रही है कि DJ की आवाज से हादसा नहीं हुआ है। अगर ऐसा है तो कानून के अनुसार पुलिस को एक्शन लेना चाहिए। हाईकोर्ट के निर्देश पर है कमेटी, पर दिखावे की कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन ने तेज आवाज में DJ बजाने पर प्रतिबंध लगाया है। लेकिन, इसका पालन नहीं हो रहा है। अभी भी हर जगह तेज आवाज में DJ बजाए जा रहे हैं। शादी समारोह और अन्य आयोजनों में देर रात तक तेज आवाज में DJ बज रहे हैं। मल्हार में हुई घटना इसका प्रमाण है। हालांकि, निगरानी करने के लिए 6 माह पहले टीम बनाई गई थी। इस टीम को DJ संचालकों पर नजर रखने कहा गया था। कहीं भी क्षमता से अधिक आवाज में DJ बजने पर जब्ती की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। ……………… इस केस से जुड़ी ये खबर पढ़ें… DJ की तेज साउंड से गिरा छज्जा…एक बच्चे की मौत: बिलासपुर में 4 छात्र समेत 9 घायल, नववर्ष पर मस्तूरी में निकाली गई थी शोभायात्रा छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में DJ की तेज आवाज से मकान का छज्जा गिर गया। हादसे में 5 बच्चे समेत 10 लोग घायल हो गए। इसमें से एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हिंदू नववर्ष की शोभायात्रा के दौरान हादसा हुआ है। मामला मस्तूरी थाना के मल्हार चौकी क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर

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