एनएच बदहाल: 100 किमी की दूरी 3 के बजाय 6 घंटे में हो रही तय, हादसे भी बढ़े

भास्कर न्यूज | अंबिकापुर अंबिकापुर-रामानुजगंज एनएच 343 के चौड़ीकरण के लिए 740 करोड़ रुपए की मंजूरी के बाद सड़क मरम्मत का कार्य मुमकिन नहीं है, ऐसे में सड़क बनने तक लोगों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि चौड़ीकरण के दौरान ही नई सड़क बनाई जाएगी, ऐसे में लोगों को सड़क बनने तक इंतजार करना होगा। चौड़ीकरण के लिए वन विभाग से क्लीयरेंस मिल गया है, विभाग को 24.7 करोड़ रुपए जारी कर िदए गए हैं, जिससे पेड़ों की कटाई शुरू हो गई है। विभाग के अनुसार निर्माण कार्य के लिए तीन कंपनियों से अनुबंध की प्रक्रिया चल रही है। 110 किलोमीटर सड़क का कार्य तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में अंबिकापुर के महावीरपुर से रामानुजगंज के रजपुरी खुर्द तक 13.7 किमी के लिए 144 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। दूसरे चरण में रजपुरी खुर्द से पाढ़ी तक 49 किमी के लिए 397 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है और तीसरे चरण में बड़कीम्हरी से रामानुजगंज तक 29.4 किमी के लिए 199 करोड़ रुपए स्वीकृत हैं। सड़क मरम्मत के सवाल पर पीडब्ल्यूडी व एनएच विभाग का कहना है कि विभाग के पास बजट नहीं है। सड़क सौंदर्यीकरण के लिए 8 करोड़ रुपए की राशि मिली थी, लेकिन सड़क की खराब स्थिति के कारण यह राशि खर्च नहीं की जा सकी और मंत्रालय को वापस चली गई। विभाग ने यह भी बताया कि इस राशि का इस्तेमाल सड़क के पेंच मरम्मत के लिए नहीं किया जा सकता, क्योंकि पहले सीतापुर सड़क मरम्मत कार्य पर खर्च किए गए डेढ़ करोड़ रुपए का अब तक भुगतान नहीं हो पाया है। बता दें कि अंबिकापुर-रामानुजगंज हाईवे छत्तीसगढ़ झारखंड को जोड़ने वाली मुख्य मार्ग है। यह मार्ग झारखंड के गढ़वा जिले से होते हुए अन्य शहरों को जोड़ता है। इसी तरह जशपुर गुमला रांची मार्ग झारखंड के गुमला होते हुए रांची को जोड़ती है। इन दोनों मार्गों पर रोजाना 150 से अधिक बसें और हजारों की संख्या में भारी वाहनों का संचालन होता है, जिससे यातायात का दबाव अधिक रहता है। चौड़ीकरण से यात्रियों को राहत मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सड़क चौड़ीकरण के लिए चल रही प्रक्रिया: रामाधार ^एनएच के ईई रामाधार ताम्बरे ने कहा कि अंबिकापुर-रामानुजगंज सड़क की मरम्मत फिलहाल मुमकिन नहीं है। सड़क का चौड़ीकरण होना है, जिसके लिए प्रक्रिया चल रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू होगा। सड़क के पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण के बाद यात्रियों को बेहतर सड़क की सुविधा मिलेगी। फिलहाल, इस सड़क की स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो चुकी है। बड़े-बड़े गड्ढों और धूल से भरी सड़क पर यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। खासकर बलरामपुर जिले में सड़क की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि बाइक और स्कूटी चलाना भी मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने उड़ती धूल से बचाव के लिए पानी का छिड़काव करना शुरू करवाया था, लेकिन यह अस्थायी समाधान है। इससे तकलीफें कम नहीं हैं। सड़क चौड़ीकरण के बाद ही दूर हो पाएगी परेशानी खराब सड़क से यात्री लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। सड़क पर निकली गिट्टी से वाहन का संतुलन बिगड़ने से वे घायल हो गए। हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अब सड़क के पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण के बाद ही यात्रियों को बेहतर सड़क मिलेगी।

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