रामपुर में मिड डे मील वर्करों में रोष:20 मई को प्रदेशव्यापी हड़ताल का ऐलान, न्यूनतम वेतन और पेंशन की मांग

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रामपुर में मिड-डे मील वर्कर्ज यूनियन की एक महत्वपूर्ण बैठक किसान मजदूर भवन चाटी में हुई। यूनियन ब्लॉक यूनिट की अध्यक्षा राधा देवी ने बैठक की अध्यक्षता की। राधा देवी ने कहा कि वर्तमान महंगाई में मिड-डे मील वर्कर्स का परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। प्रदेश सरकार ने मानदेय में केवल 500 रुपए की बढ़ोतरी की है। उन्होंने इसे वर्करों के साथ मजाक करार दिया। सरकार ने 1094 स्कूल बंद कर दिए हैं। वर्कर्स को 12 महीने का वेतन नहीं मिला वहीं युक्तिकरण नीति के तहत 1500 और स्कूल बंद होने हैं। हिमाचल हाई कोर्ट के 2019 और 2024 के निर्णय के बावजूद वर्कर्स को 12 महीने का वेतन नहीं मिल रहा है। सीटू जिला शिमला सचिव अमित ने बताया कि 2013 के 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन में मिड डे मील वर्करों को स्थायी करने का फैसला लिया गया था। इसमें न्यूनतम वेतन, ग्रेच्युटी और पेंशन योजना शामिल थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार इन फैसलों को लागू नहीं कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार की उदासीनता के विरोध में मिड डे मील वर्कर्ज यूनियन ने 20 मई को प्रदेशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। रामपुर में इस दौरान बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में ये रहे मौजूद सीटू शिमला जिला सचिव अमित, महासचिव सुरजा देवी, कोषाध्यक्ष ममता, लछू देवी, कुसुम, राजकुमारी, नीलम, मान दास, लीला देवी, सुधीरा, सत्या, विमला देवी, रजनी, बबीता, कृष्णा, जनका, हेम लता, सुमित्रा, देव कन्या, आशा, मीना, मीरा सहित अन्य मिड-डे मील वर्कर मौजूद रहे।

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