छ्त्तीसगढ़ में बस्तर के अबूझमाड़ में नारायणपुर DRG, बस्तर फाइटर्स और STF की टीम ने लगातार 6 दिनों तक नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया। दिन-रात जंगलों की खाक छानी। नक्सलियों की कंपनी नंबर 1 के नक्सलियों के साथ बार-बार मुठभेड़ हुई। उन्हें दौड़ाया। हालांकि, मौके से जवानों के एक SLR समेत अन्य विस्फोटक सामान बरामद किया है। मौके पर खून के धब्बे, घसीटने के निशान मिले, जिसे देखकर पुलिस का दावा है कि इस मुठभेड़ में कई नक्सली मारे गए हैं, कुछ घायल भी हुए हैं। 6 दिनों के ऑपरेशन के बाद फोर्स लौट आई है।
SLR समेत अन्य हथियार बरामद दरअसल, नारायणपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि अबूझमाड़ में नक्सलियों की कंपनी नंबर 1 के माओवादियों का जमावड़ा है। इसी सूचना के आधार पर नारायणपुर से DRG, STF और बसर फाइटर के करीब 500 से अधिक जवानों को 25-26 मार्च की रात ऑपरेशन के लिए निकला गया था।मुखबिर के बताए अनुसार जवानों ने नक्सलियों के कोर इलाके को घेरा। फोर्स के आने की मिली सूचना, तो ठिकाना बदल रहे थे नक्सली हालांकि इससे पहले नक्सलियों को जवानों के आने की सूचना मिल गई थी। नक्सली अपना ठिकाना बदल रहे थे, इसी बीच जवानों के साथ मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में नक्सली मौके से भाग निकले। जिसके बाद जवानों ने घटना स्थल पर सर्च ऑपरेशन चलाया। मौके से एक SLR राइफल समेत गोलियां और अन्य विस्फोटक सामान बरामद किया। दोबारा हुई मुठभेड़ जिसके बाद फिर जवान आगे बढ़ते गए। अगले दिन फिर अबूझमाड़ के जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली भाग निकले। जब यहां भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया तो खून के धब्बे और घसीटने के निशान जवानों को मिले। यहां भी मौके से नक्सलियों के सामान को बरामद किया गया। 31 मार्च को लौटे जवान वहीं करीब 6 दिनों तक जंगलों की खाक छानने के बाद जवान 31 मार्च की देर शाम तक जिला मुख्यालय लौट आए।अब बस्तर IG सुंदरराज पी का दावा है कि इस बार-बार हुई इस मुठभेड़ में कुछ नक्सली मारे गए हैं और कुछ घायल भी हुए हैं। नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ है। एक दिन पहले दंतेवाड़ा में हुआ एनकाउंटर एक दिन पहले दंतेवाड़ा में भी पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में जवानों ने 45 लाख रुपए के इनामी हार्डकोर महिला नक्सली रेणुका को मार गिराया। ये सेंट्रल रीजनल ब्यूरो प्रेस टीम की लीडर थी।


