जमशेदपुर में सरहुल पर्व मंगलवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सीतारामडेरा की उरांव बस्ती और मुंडा समाज के लोगों ने सरना स्थल पर पारंपरिक रीति-रिवाजों से पूजा-अर्चना की। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी विधि-विधान से पूजा में हिस्सा लिया। प्रकृति की रक्षा और आराधना को प्राथमिकता देने की अपील रघुवर दास ने कहा कि आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति की पूजा करता आया है। उन्होंने प्रकृति की रक्षा और आराधना को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रकृति के बिना जीवन संभव नहीं है। सनातन धर्म का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि जैसे देवी-देवताओं पर फूल और बेलपत्र चढ़ाकर पूजा करते हैं, वैसे ही प्रकृति की भी पूजा करनी चाहिए। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ पूजा-अर्चना में लगे हुए हैं पूर्व मुख्यमंत्री ने सभी झारखंडवासियों को सरहुल पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने समाज में भाईचारा और सामंजस्य बनाए रखने का संदेश दिया। शहरभर में इस महापर्व की उल्लासपूर्ण छटा देखी जा रही है। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ पूजा-अर्चना में लगे हुए हैं।


