टोंक जिले के देवली में पंजाब निवासी बदमाशों ने तीन युवकों पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई। जिसे बदमाश कार में डालकर अपने साथ ले गए और देवली से 45 किलोमीटर दूर सुनसान इलाके में कार में लाश छोड़कर फरार हो गए। वहीं फायरिंग में दूसरे युवक के भी कंधे से छूकर गोली निकल गई। साथ ही तीसरा साथी किसी तरह से जान बचाकर मौके से भाग निकला। घटना गुरुवार रात 7.30 बजे जयपुर रोड स्थित सिद्धार्थ होटल के पास की है। सूचना के बाद एसपी विकास सांगवान रात करीब 11:30 बजे देवली पहुंचे। जहां पर एसपी ने देवली बस स्टैंड के बाहर मिठाई की दुकान के पास बलेनो कार में बैठे पीड़ित बीरू कंजर से मामले की जानकारी ली।
इससे पहले बीरू ने थाना प्रभारी राजकुमार नायक को बताया कि उनकी पंजाब निवासी कुछ लोगों के साथ इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई और देवली इलाके में होटल दिलाने की बातचीत हुई। यह दोस्ती संतोष के साथ हुई। जिसके बाद पंजाब से तीन लोग जयपुर से बस के जरिए देवली पहुंचे। जिन्होंने यहां पहुंचने के बाद पोल्याड़ा निवासी संतोष उर्फ सिंहा कंजर को फोन किया और कहा कि उनके पास कार नहीं है। इस पर संतोष, बीरू और कमल उन्हें लेने के लिए देवली बस स्टैंड के बाहर मोबाइल की दुकान के करीब पहुंच गए। जहां दोनों पक्ष की मुलाकात हुई। बीरू ने बताया कि पंजाब निवासी तीनों लोग कुछ सेकेंड के लिए यहां साइकिल की दुकान के पास से मंदिर की ओर गली में गए और वापस आ गए। इसके बाद दोनों पक्ष के 6 लोग कार में सवार होकर रवाना हो गए। जिसके बाद सिद्धार्थ होटल के ब्रेकर के करीब पहुंचते ही उन्होंने संतोष पर गोली चला दी। वहीं गोली संतोष के बाएं कंधे को छूकर निकल गई। उन्होंने मुझ पर भी गोली चलाई, लेकिन वह किसी तरह बच गया। इसके बाद बदमाशों ने कमल को गोली मार दी और उसे कार में बंधक बनाकर ले गए। वहीं घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं मेहंदवास पुलिस को कस्बे के बाइपास पर एक बलेनो कार में कमल का शव मिला। यह कार पोल्याड़ा निवासी युवकों की है। उक्त घटनाक्रम के बाद टोंक पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान देर रात देवली पहुंचे। पुलिस उपाधीक्षक रामसिंह भी मामले की जांच में जुट गए। देवली थाना प्रभारी मृतक कमल का शव लेकर देवली पहुंचे। जिसे चिकित्सालय की मॉर्च्युरी में रख दिया गया है। शुक्रवार को शव का पोस्टमॉर्टम होगा। व्हाट्सएप कॉल किया और ले गए मोबाइल जानकारी के अनुसार देवली आने वाले पंजाब के इन बदमाशों ने संतोष कंजर से जो भी बातचीत की, वह व्हाट्सएप्प कॉल के जरिए की। कार में हुए संघर्ष के बाद वह बदमाश संतोष का मोबाइल अपने साथ ले गए, जो घटना के कुछ देर तक तो चला रहा। लेकिन बाद में स्विच ऑफ हो गया। वहीं पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान देर रात डेढ़ बजे तक देवली थाने पर मामले की मॉनिटरिंग करते रहे थे। पुलिस के मुताबिक बलेनो कार बीरू कंजर चला रहा था। हालांकि समूचे मामले में इनपुट यह सामने आ रहा है कि यह कोई पुरानी रंजिश है। जिसका बदला लेने के लिए यह सब किया गया। किसी तरह के लेनदेन को लेकर भी यह विवाद हो सकता है।


