सिटी रिपोर्टर | रांची चार दिवसीय चैती छठ महापर्व मंगलवार को नहाय-खाय से शुरू हो गया। यह छठ व्रत 4 अप्रैल को प्रात: अर्घ्य के बाद पारण के साथ समाप्त होगा। आज छठ व्रतियों ने सात्विक भोजन किया, ताकि वे अपने तन मन दोनों को शुद्ध रख सके। नहाय-खाय में अरवा चावल-कद्दू, चना दाल से बनी हुई चीजें खाईं। ये भोजन शुद्ध देसी घी से तैयार किया गया। इसे सिर्फ हल्दी, सेंधा नमक के साथ पकाया गया। परिवार के सदस्य सात्विकता के साथ भोजन बनाने में जुटे थे। पंडितों का कहना है कि व्रत में लौकी इस्तेमाल किया जाता है। नहाय-खाय का यह भोजन साधक में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ाता है। बुधवार को खरना है। खरना के दिन व्रती पूरे दिन िनर्जला उपवास रहेंगे और संध्या में प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे के निर्जला उपवास का संकल्प लेंगे। बाजारों में सूप-दौरे की खरीदारी भी शुरू हो गई है। ऋषिकेश पंचांग के अनुसार : 2 अप्रैल : खरना रात 8.42 बजे से पहले 3 अप्रैल : संध्या अर्घ्य 6.40 बजे से पहले। 4 अप्रैल : प्रात: अर्घ्य 6.08 बजे से पहले।


